रायगडा में रक्त की कमी को दूर करने के लिए आगे आई सीआरपीएफ
रायगडा, 14 जून (आईएएनएस)। विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर ओडिशा के रायगडा में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की चौथी बटालियन ने एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया। यह शिविर कमांडेंट फिरोज कुजूर के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य स्थानीय ब्लड बैंक की मदद करना और नियमित रक्तदान को बढ़ावा देना था। इस दौरान कुल 25 यूनिट रक्त एकत्र किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत कमांडेंट फिरोज कुजूर द्वारा स्वयं रक्तदान कर की गई, जिससे जवानों और उनके परिवारों को प्रेरणा मिली। इसके बाद बड़ी संख्या में सीआरपीएफ के जवानों और उनके परिजनों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया।
कमांडेंट फिरोज कुजूर ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि रक्तदान एक महान सेवा है, जो किसी जरूरतमंद की जान बचा सकती है। उन्होंने जवानों के परिवारों को भी आगे आकर इस सामाजिक कार्य में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। सीआरपीएफ वर्ष 2007 से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था संभाल रही है और लगातार जनसेवा से जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाती रही है।
रायगडा जिला रेड क्रॉस सोसाइटी पहले से ही रक्त की कमी जैसी समस्या का सामना कर रही है। ऐसे में इस प्रकार के शिविरों को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कमांडेंट फिरोज कुजूर समय-समय पर जिला अस्पताल और अन्य चिकित्सा जरूरतों में भी सक्रिय सहयोग देते रहे हैं, जिससे आपात स्थितियों में मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सके।
शिविर के अंत में सभी रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र और रिफ्रेशमेंट प्रदान किए गए। इस अवसर पर कमांडेंट फिरोज कुजूर की पत्नी मंजुला टोप्पो, सेकंड-इन-कमांड (प्रशासन) प्रभाकर उपाध्याय, सेकंड-इन-कमांड (ऑपरेशंस) संजय कुमार राउत, मेडिकल ऑफिसर डॉ. एम. गौतमी और रेड क्रॉस सोसाइटी के डॉ. गौतम पटनायक भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के समापन पर कमांडेंट कुजूर की अगुवाई में सभी प्रतिभागियों ने नियमित रक्तदान करने और समाजसेवा के लिए आगे आने का संकल्प लिया। शिविर को स्थानीय स्तर पर सराहना मिली और इसे मानवता की सेवा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
--आईएएनएस
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