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राहुल-खड़गे लगातार दूसरे साल लालकिले के समारोह से रहे दूर, 2024 की सीटिंग को लेकर हुआ था विवाद; BJP ने साधा निशाना

राहुल-खड़गे लगातार दूसरे साल लालकिले के समारोह से रहे दूर, 2024 की सीटिंग को लेकर हुआ था विवाद; BJP ने साधा निशाना

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी तथा कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे शनिवार को 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले में आयोजित समारोह में शामिल नहीं हुए। दोनों नेता लगातार दूसरे साल इस राष्ट्रीय समारोह से दूर रहे। उनके नहीं पहुंचने को लेकर एक बार फिर राजनीतिक बहस शुरू हो गई है।

2024 में पांचवीं लाइन में बैठने पर हुआ था विवाद

राहुल गांधी के लाल किले के समारोह में बैठने को लेकर विवाद की शुरुआत 2024 में हुई थी। उस समय लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष का पद संभालने के बाद राहुल गांधी को समारोह में पीछे की ओर सीट दी गई थी। कांग्रेस ने इसे लेकर आपत्ति जताई थी।

कई रिपोर्टों में राहुल गांधी के पांचवीं लाइन या दूसरी आखिरी पंक्ति में बैठने की बात सामने आई थी। कांग्रेस का आरोप था कि नेता प्रतिपक्ष को कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त होने के बावजूद उन्हें उचित प्रोटोकॉल के मुताबिक आगे की सीट नहीं दी गई।

वहीं, रक्षा मंत्रालय की ओर से उस समय बताया गया था कि सीटिंग व्यवस्था में ओलंपिक पदक विजेताओं को प्राथमिकता देने के कारण बदलाव किया गया था।

2025 में भी नहीं पहुंचे थे राहुल और खड़गे

2024 के विवाद के बाद राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने 2025 में भी लाल किले के स्वतंत्रता दिवस समारोह में हिस्सा नहीं लिया था। इस साल भी दोनों के अनुपस्थित रहने के बाद यह लगातार दूसरा मौका है, जब कांग्रेस के दोनों शीर्ष नेता इस कार्यक्रम में नहीं पहुंचे।

इस बार भी सूत्रों के हवाले से बताया गया कि दोनों नेताओं की नाराजगी सीटिंग व्यवस्था और प्रोटोकॉल को लेकर थी। हालांकि, इस साल सरकार की ओर से पहले ही संकेत दिया गया था कि राहुल गांधी को टेबल ऑफ प्रिसिडेंस के अनुसार केंद्रीय मंत्रियों के बाद सीट दी जाएगी।

BJP ने कांग्रेस पर साधा निशाना

राहुल गांधी और खड़गे की गैरमौजूदगी को लेकर भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर निशाना साधा। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने इसे 'बचकाना' कदम बताया और कहा कि स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय समारोह से विपक्ष के वरिष्ठ नेताओं का दूर रहना उनके पद के अनुरूप नहीं है।

भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने भी राहुल गांधी की गैरमौजूदगी पर सवाल उठाया और उनके रवैये को लेकर तीखी टिप्पणी की। कुछ भाजपा नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण में इस्तेमाल किए गए 'दिमागी नक्सल' शब्द को राहुल गांधी की राजनीति से जोड़ते हुए भी हमला बोला।

कांग्रेस ने भी दिया जवाब

दूसरी ओर, कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण में 'दिमागी नक्सल' वाली टिप्पणी पर पलटवार किया। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री विपक्ष और असहमति रखने वालों को निशाना बनाने के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं।

लाल किले के समारोह से राहुल गांधी और खड़गे की लगातार दूसरे साल गैरमौजूदगी ऐसे समय हुई है, जब संसद और राजनीतिक मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच टकराव लगातार जारी है।

राहुल गांधी और खड़गे की गैरमौजूदगी ने 2024 की सीटिंग विवाद को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। अब इस मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी बयानबाजी तेज होने की संभावना है।

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