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राहुल गांधी विपक्ष के नेता के लायक नहीं, अटल बिहारी वाजपेयी से सीखें : शाहनवाज हुसैन

सीतामढ़ी, 6 अप्रैल (आईएएनएस)। बिहार के सीतामढ़ी में भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि वे विपक्ष के नेता के लायक नहीं हैं, उन्हें पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी से सीखने की जरूरत है।
राहुल गांधी विपक्ष के नेता के लायक नहीं, अटल बिहारी वाजपेयी से सीखें : शाहनवाज हुसैन

सीतामढ़ी, 6 अप्रैल (आईएएनएस)। बिहार के सीतामढ़ी में भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि वे विपक्ष के नेता के लायक नहीं हैं, उन्हें पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी से सीखने की जरूरत है।

मीडिया से बातचीत के दौरान भाजपा नेता ने कहा कि राहुल गांधी को अटल बिहारी वाजपेयी से सीखना चाहिए, जो संकट के समय देश के साथ खड़े रहते थे। राहुल गांधी इंतजार करते हैं कि देश संकट में आए और फिर उसका मजा लें।

शाहनवाज हुसैन ने कहा कि कोई लॉकडाउन लगने वाला नहीं है। भारत में दुनिया की तुलना में कम संकट है और सरकार ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों को नियंत्रित करके रखा हुआ है।

बिहार के अगले सीएम को लेकर अपने नाम की चर्चा पर भाजपा नेता ने कहा कि मैं एक कार्यकर्ता हूं और मैं एक कार्यकर्ता ही रहूंगा। आज 6 अप्रैल को मैं यह घोषणा करता हूं कि मैं एक कार्यकर्ता हूं और कार्यकर्ता की तरह ही काम करता रहूंगा।

उन्होंने कहा कि बिहार में भाजपा और जद(यू) एनडीए में शामिल हैं। फिलहाल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हैं। जब वे इस्तीफा देंगे, तब केंद्रीय नेतृत्व यह तय करेगा कि अगला मुख्यमंत्री कौन बनेगा।

भाजपा के स्थापना दिवस पर शाहनवाज हुसैन ने कहा कि यह दिन सिर्फ एक संगठन की स्थापना का नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा, समर्पण और विचारधारा के प्रति अटूट विश्वास का प्रतीक है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानव दर्शन के सिद्धांत को आत्मसात करते हुए भारतीय जनता पार्टी ने समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त किया है। यही मानवीय सोच और समावेशी दृष्टिकोण आज भी हमारी नीतियों और कार्यों की आधारशिला है।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र को साकार करते हुए देश में अभूतपूर्व परिवर्तन लाए हैं। चाहे वह गरीब कल्याण योजनाएं हों, बुनियादी ढांचे का विस्तार, डिजिटल भारत की मजबूती, या भारत को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाना हो, हर क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की गई हैं।

--आईएएनएस

डीकेएम/एबीएम

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