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'सरकार छात्रों को डराना-धमकाना और मारना बंद करे', पेपर लीक प्रदर्शन पर राहुल गांधी का केंद्र पर हमला

'सरकार छात्रों को डराना-धमकाना और मारना बंद करे', पेपर लीक प्रदर्शन पर राहुल गांधी का केंद्र पर हमला
'सरकार छात्रों को डराना-धमकाना और मारना बंद करे', पेपर लीक प्रदर्शन पर राहुल गांधी का केंद्र पर हमला

नई दिल्ली, 24 जुलाई (आईएएनएस)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पेपर लीक के मुद्दे पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। मीडिया से बातचीत के दौरान, उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं के खिलाफ बल प्रयोग किया गया और कई छात्रों को गंभीर चोटें आई हैं।

राहुल गांधी ने कहा कि "जब यह युवा हाथों में हिंदुस्तान का तिरंगा लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहा था, तब इसे पैलेट गन से मारा गया। सरकार कहती है कि प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन का इस्तेमाल नहीं हुआ, लेकिन सच्चाई सबके सामने है।"

उन्होंने दावा किया कि पैलेट गन के हमले में एक छात्र की आंख गंभीर रूप से घायल हो गई है और उसकी दृष्टि चली गई है। राहुल गांधी ने कहा, "मैं पक्के तौर पर यह भी नहीं कह सकता कि इस युवा की आंखों की रोशनी बच पाएगी या नहीं।"

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हजारों युवाओं पर पैलेट गन चलाई गई और उन्हें लाठियों से पीटा गया। उन्होंने कहा कि छात्र केवल अपने भविष्य और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर शांतिपूर्ण विरोध कर रहे थे।

राहुल गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर सीधा हमला बोलते हुए कहा, "धर्मेंद्र प्रधान एक आपराधिक शिक्षा मंत्री हैं। उन्हें पद से हटाया जाना चाहिए। वह देश की शिक्षा व्यवस्था के पतन का प्रतीक हैं। आज हजारों लोग सड़कों पर हैं, इसके लिए वही जिम्मेदार हैं।"

उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने देश के भविष्य पर हमला किया है, जबकि छात्र केवल तीन मांगें रख रहे हैं।

राहुल गांधी के अनुसार प्रदर्शन कर रहे छात्रों की प्रमुख मांगें हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। छात्रों के साथ कथित बर्बरता करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छात्रों और देश से माफी मांगें।

राहुल गांधी ने केंद्र सरकार से अपील करते हुए कहा कि सरकार छात्रों को डराना-धमकाना और उनके साथ मारपीट करना बंद करे तथा उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए उन्हें पूरा करे।

--आईएएनएस

डीएससी

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