राहुल गांधी बोले- मोदी सरकार बैकफुट पर, वीडियो में जाने कांग्रेस को और आक्रामक होना चाहिए; खड़गे ने 94 हजार स्कूल बंद होने का उठाया मुद्दा
नई दिल्ली के इंदिरा भवन में बुधवार को कांग्रेस वर्किंग कमेटी यानी CWC की बैठक हुई। संसद सत्र खत्म होने के बाद हुई इस पहली बड़ी बैठक में पार्टी ने देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा की। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत 88 नेता शामिल हुए।
बैठक के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पार्टी नेताओं से केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ ज्यादा आक्रामक रुख अपनाने की अपील की। न्यूज एजेंसी ANI की रिपोर्ट के मुताबिक राहुल गांधी ने कहा कि मोदी सरकार फिलहाल बैकफुट पर है और कांग्रेस को इसका फायदा उठाते हुए अपने हमले और तेज करने चाहिए।राहुल गांधी ने पार्टी की एकता को कांग्रेस की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस यानी TMC का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस को एकजुट रहना होगा। राहुल के मुताबिक, एकता कमजोर होने पर पार्टी को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
मोदी शासन के आखिरी दौर का दावा
बैठक में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार को लेकर बड़ा राजनीतिक दावा भी किया। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी का शासन आखिरी दौर में है और उनके उत्तराधिकारी की तलाश चल रही है। राहुल के इस बयान को लेकर आने वाले दिनों में राजनीतिक बयानबाजी तेज होने की संभावना है।CWC बैठक में कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों और देश के सामने मौजूद विभिन्न मुद्दों को लेकर आगे की रणनीति पर भी चर्चा की। पार्टी ने युवाओं की शिक्षा और रोजगार से लेकर चीन सीमा, राम मंदिर ट्रस्ट के चंदे और देश की राजनीतिक स्थिति जैसे विषयों को प्रमुखता से उठाया।
खड़गे बोले- युवाओं के भविष्य पर असर पड़ रहा
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने युवाओं की शिक्षा और रोजगार का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण युवाओं के भविष्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। खड़गे ने युवाओं के लिए एजुकेशन टू एप्लॉयमेंट रोडमैप तैयार करने की मांग की।उन्होंने कहा कि शिक्षा को रोजगार से जोड़ना जरूरी है, ताकि पढ़ाई पूरी करने के बाद युवाओं के सामने रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध हों। कांग्रेस ने इस मुद्दे को सरकार के सामने प्रमुख चुनौती के तौर पर पेश करने की रणनीति पर चर्चा की।
94 हजार स्कूल बंद होने का दावा
बैठक में देश में स्कूलों के बंद होने का मुद्दा भी उठाया गया। मल्लिकार्जुन खड़गे ने दावा किया कि हाल के वर्षों में करीब 94 हजार स्कूल बंद हुए हैं। उन्होंने इसे देश की शिक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया।खड़गे ने कहा कि स्कूलों की संख्या कम होना और शिक्षा के अवसर प्रभावित होना सीधे तौर पर बच्चों और युवाओं के भविष्य से जुड़ा मामला है। कांग्रेस इस मुद्दे को आने वाले समय में सरकार के खिलाफ राजनीतिक अभियान का हिस्सा बना सकती है।
राम मंदिर ट्रस्ट के चंदे का हिसाब मांगने की बात
CWC बैठक में राम मंदिर ट्रस्ट को मिले चंदे को लेकर भी सवाल उठाए गए। खड़गे ने ट्रस्ट को प्राप्त धनराशि, सोने और अन्य दान की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए। उन्होंने दान के इस्तेमाल और उसके हिसाब-किताब की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की।इसके अलावा बैठक में भारतीय सीमा पर चीन की कथित घुसपैठ और सीमा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार से इस मामले में स्थिति स्पष्ट करने और देश को वास्तविक स्थिति की जानकारी देने की मांग पर जोर दिया।CWC की बैठक से साफ है कि कांग्रेस आने वाले दिनों में केंद्र सरकार के खिलाफ राजनीतिक हमले तेज करने की तैयारी में है। राहुल गांधी का आक्रामक रुख और खड़गे की ओर से शिक्षा, रोजगार, राम मंदिर ट्रस्ट और सीमा सुरक्षा जैसे मुद्दे उठाए जाने से पार्टी की आगामी राजनीतिक रणनीति के संकेत मिल रहे हैं।

