राहुल गांधी पर भाजपा विधायक का हमला, बोले- 'मिमिक्री से मनोरंजन हो सकता है, छात्रों के बीच उनके उत्थान की बात करें'
मुंबई, 20 सितंबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र भाजपा के विधायक राम कदम ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के इंदौर कार्यक्रम को लेकर निशाना साधा है। राम कदम ने आरोप लगाए कि राहुल गांधी छात्रों के कंधों पर बंदूक रखकर खुद की ओछी राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों के उत्थान की बात करनी है, तो नीति, मेहनत और अवसरों पर चर्चा होना जरूरी है।
विधायक राम कदम ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "राहुल गांधी इस बात का कब स्वयं विचार करेंगे कि मिमिक्री से मनोरंजन हो सकता है, लेकिन देश को आगे ले जाना है और छात्रों के उत्थान की बात करनी है, तो नीति, मेहनत और अवसरों पर चर्चा होना जरूरी है।"
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी छात्रों और युवाओं को भ्रमित कर रहे हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने संविधान को लेकर देशभर में भ्रम फैलाया। अब उसी भ्रम की अगली कड़ी में वे छात्रों के कंधों पर बंदूक रखकर खुद की ओछी राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "छात्रों के बीच गए हों, छात्रों के उत्थान की बात करें।"
राम कदम ने कहा, "राहुल गांधी को कांग्रेस दल के नेता स्वीकार नहीं रहे हैं। उनका कहना है कि राहुल गांधी के नेतृत्व में जो भी चुनाव लड़े गए हैं, सब में करारी हार मिली है। उसके बाद इस प्रकार के मंचों का प्रयोग हो रहा है। मिमिक्री के दौरान किसी की आवाज और उसके भाषण की नकल करने से मनोरंजन हो सकता है।"
भाजपा विधायक ने यह भी कहा कि देश के सभी छात्रों से लेकर युवाओं तक और बुजुर्गों से लेकर किसानों तक, सबने यह स्वीकार किया है कि देश का उत्थान और यह देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों में सुरक्षित है।
इसी बीच, भाजपा विधायक ने प्रधानमंत्री मोदी की स्वर्गीय माता पर टिप्पणी को लेकर कहा, "राजनीतिक विचारधाराओं में अंतर हो सकता है। उस पर आरोप-प्रत्यारोप, कटाक्ष हो सकते हैं। लेकिन स्वर्गीय माता जी के बारे में गलत शब्द का प्रयोग करके, यह स्वयं कितने गिरे हुए हैं इसका परिचय दे रहे हैं। जो भी व्यक्ति हैं, जिन्होंने स्वर्गीय माता जी के ऊपर जो टिप्पणी की है, भारत का युवा वर्ग और समूचा भारत उसे कभी माफ नहीं करेगा।"
दिशा सालियान केस में पिता सतीश की ओर से आदित्य ठाकरे को नोटिस पर राम कदम ने कहा, "दिशा सालियान के पिता ने 500 करोड़ का मानहानि नोटिस उद्धव ठाकरे के घर भेजा है। दिशा सालियान के वकील कह रहे हैं कि उनको धमकी दी गई कि वकालत करने नहीं देंगे। यह सब क्या हो रहा है?"
भाजपा विधायक ने कहा, "एक ओर आदित्य ठाकरे कह रहे हैं कि उनका इसमें कोई संबंध नहीं है, दूसरी ओर दिशा सालियान के पिता के वकील को धमकाया जाना, यह राजनीतिक स्टंट है। यह सारी बातें क्या आदित्य ठाकरे को शक के कटघरे में नहीं खड़ी करतीं? छोटे-छोटे बिंदुओं को अगर जोड़ा जाए, तो यह स्पष्ट होता है कि उस समय की उद्धव ठाकरे सरकार को किसी बड़े नेता को बचाना था।"
--आईएएनएस
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