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राहुल गांधी को आपातकाल पर बोलने का हक नहीं, पहले इतिहास पढ़ें : जी. किशन रेड्डी

राहुल गांधी को आपातकाल पर बोलने का हक नहीं, पहले इतिहास पढ़ें : जी. किशन रेड्डी
राहुल गांधी को आपातकाल पर बोलने का हक नहीं, पहले इतिहास पढ़ें : जी. किशन रेड्डी

हैदराबाद, 11 अक्‍टूबर (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता जी. किशन रेड्डी ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला किया। उन्होंने उनके आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मौजूदा कदम पूरी तरह से आंतरिक और बाहरी खतरों से निपटने के लिए एहतियाती उपाय हैं, न कि किसी तरह की आपातकाल (इमरजेंसी) जैसी स्थिति है।

केंद्रीय मंत्री ने आईएएनएस से ​​बात करते हुए कहा कि देश विरोधी और अंतरराष्ट्रीय ताकतें मनगढ़ंत और बेबुनियाद मुद्दों का इस्तेमाल करके देश को अस्थिर करने की साजिश रच रही हैं।

रेड्डी ने कहा, "यह आपातकाल नहीं है, यह एक एहतियाती कदम है। आज कई देश विरोधी और अंतरराष्ट्रीय ताकतें देश को अस्थिर करने की कोशिश कर रही हैं। वे लोग ऐसे मुद्दों का बहाना बनाकर और गलत मुद्दों का इस्तेमाल करके देश को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं। मैं कांग्रेस पार्टी से कहना चाहता हूं कि हमें लोकतंत्र या आपातकाल के नाम पर किसी सबक की जरूरत नहीं है।"

राहुल गांधी पर सीधे निशाना साधते हुए जी. किशन रेड्डी कांग्रेस पार्टी को उसके पुराने रिकॉर्ड, खासकर 1975 के राष्ट्रीय आपातकाल के काले दिनों की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को उस दौर की सच्चाई और लोगों की तकलीफों का कोई अंदाजा नहीं है।

उन्होंने कहा, "आप ही लोग थे जिन्होंने 1975 में देश के लोगों के अधिकार छीन लिए थे। बयानों के जरिए मीडिया का गला घोंटा था, लाखों लोगों को जेल में डाल दिया था और सभी राजनीतिक व सामाजिक गतिविधियों पर रोक लगा दी थी।"

उन्‍होंने कहा, "कांग्रेस पार्टी को पहले यह समझना चाहिए कि राहुल गांधी को यह भी नहीं पता कि आपातकाल क्या था। आपातकाल के दौरान लोगों ने कितनी तकलीफें झेलीं और कांग्रेस पार्टी ने किस तरह लोगों के अधिकार छीने। राहुल गांधी को सबसे पहले यह सीखना चाहिए।"

भाजपा के वरिष्ठ नेता ने क्षेत्रीय राजनीति की ओर रुख करते हुए राहुल गांधी को तेलंगाना आने की चुनौती दी ताकि वे मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली मौजूदा कांग्रेस सरकार के तहत लोकतंत्र की स्थिति को खुद देख सकें। उन्होंने राज्य सरकार पर विपक्ष की आवाज और शांतिपूर्ण गतिविधियों को सख्ती से दबाने का आरोप लगाया।

रेड्डी ने आरोप लगाया, "मैं राहुल गांधी से गुजारिश करना चाहता हूं कि वे तेलंगाना आएं। तेलंगाना में कांग्रेसऔर रेवंत रेड्डी की सरकार हमें एक भी कार्यक्रम करने की इजाजत नहीं देती।"

उन्‍होंने कहा, "तेलंगाना में, हर कार्यक्रम के लिए हमें इजाजत लेने के लिए हाईकोर्ट जाना पड़ता है, चाहे हम जनहित के मुद्दों पर कोई रचनात्मक और शांतिपूर्ण कार्यक्रम ही क्यों न करना चाहें। हमारे हजारों कार्यकर्ताओं को रात के 1 बजे घर में नजरबंद कर दिया जाता है। राहुल गांधी को पहले तेलंगाना आना चाहिए, यह देखना चाहिए कि आपकी सरकार विपक्ष के खिलाफ और खासकर भारतीय जनता पार्टी पर लगाई गई पाबंदियों के मामले में क्या कर रही है और उसके बाद ही दिल्ली के बारे में बात करनी चाहिए।"

--आईएएनएस

एएसएच/वीसी

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