राहुल गांधी की याचिका में सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री को मिली 14 कमियां, लिस्टिंग से पहले सुधार जरूरी
नई दिल्ली, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर से चुनाव आयोग के खिलाफ दायर याचिका में सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने 14 कमियां पाई हैं। इन कमियों को दूर करने के बाद ही यह मामला सुनवाई के लिए लिस्ट हो सकेगा।
रजिस्ट्री के अनुसार, याचिका में कई तकनीकी और दस्तावेजी खामियां हैं। इनमें लोगों को नाम से प्रतिवादी बनाना, पुराने फैसले की कॉपी न लगाना और 9 याचिकाकर्ताओं का वकालतनामा न होना शामिल है। इसके अलावा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आईडी कार्ड की धुंधली कॉपी दी गई है और कोर्ट को 220 रुपए कोर्ट फीस कम मिली है। धुंधले दस्तावेज और बाकी कमियों को ठीक करने के बाद ही केस को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा।
दरअसल, राहुल गांधी की कानूनी टीम ने भारतीय चुनाव आयोग की कथित अनियमितताओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक अहम याचिका दाखिल की थी। याचिका को सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में दर्ज कर लिया गया था। यह याचिका 12 अक्टूबर को शाम 4:37 बजे फाइल की गई थी।
यह याचिका अकेले राहुल गांधी की नहीं, बल्कि विपक्षी इंडिया गठबंधन के 11 बड़े नेताओं की ओर से संयुक्त रूप से दाखिल की गई थी। याचिकाकर्ताओं में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, सौगत रॉय, अखिलेश यादव, तेजस्वी प्रसाद यादव, संजय राउत, एमए बेबी, डी. राजा, महुआ माजी, सुप्रिया सुले और ई. टी. मोहम्मद बशीर शामिल थे। याचिकाकर्ताओं की ओर से पैरवी की जिम्मेदारी अधिवक्ता प्रसन्ना एस. पैरवी की थी।
याचिका में कुल चार पक्षों को प्रतिवादी बनाया गया था। पहला प्रतिवादी भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई), जबकि अन्य तीन प्रतिवादी चुनाव आयोग के अधिकारी ज्ञानेश कुमार, सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी थे।
सूत्रों के अनुसार, याचिका में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाए गए हैं, हालांकि याचिका की पूरी कॉपी अभी सार्वजनिक नहीं हुई है, लेकिन माना जा रहा है कि इसमें हाल के चुनावों में हुई कथित अनियमितताओं, वोटर लिस्ट और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों का जिक्र किया गया है।
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