राहुल गांधी की बयानबाजी बेतुकी, देश और व्यापारियों की उन्हें चिंता नहीं : जनार्दन सिंह सिग्रीवाल
पटना, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर इंडिया ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा है। उन्होंने राहुल गांधी की बयानबाजी को बेतुका बताते हुए कहा कि उनकी बातों का अब देश पर कोई असर नहीं हो रहा है। देश उनकी बातों को गंभीरता से नहीं ले रहा है और आगे भी उनकी बातों का कोई संज्ञान नहीं लेगा।
भाजपा सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने मीडिया से बातचीत में गुरुवार को कहा कि राहुल गांधी के बयान अब हंसी का पात्र बन गए हैं। संवैधानिक पद पर रहने के बावजूद बिना तुक और बिना मतलब की बातें करना उनकी आदत बन गई है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का यह कहना कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाया नहीं जाएगा, तब तक धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा, उनकी सोच को दर्शाता है। सिग्रीवाल ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को राष्ट्र के प्रति कोई चिंता नहीं है।
उन्होंने कहा कि इंडिया ब्लॉक ने ऐसे समय में विरोध प्रदर्शन शुरू किया, जब नवरात्र का पर्व शुरू हो रहा था। इस दौरान विरोध प्रदर्शन के कारण व्यवसायियों और व्यापार जगत को लाखों-करोड़ों रुपये का नुकसान होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के मन में देश, देशवासियों, व्यापारियों और युवाओं के प्रति कोई श्रद्धा नहीं है। उनकी प्राथमिकता केवल मीडिया में बने रहना और अपनी बातों को चर्चा में रखना है।
भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी चाहते हैं कि मीडिया में उनकी बातें छपती रहें और उनके कहने के अनुसार ही सब कुछ हो जाए। सिग्रीवाल ने कहा कि राहुल गांधी की बयानबाजी पूरी तरह से बेतुकी है और देश की जनता अब ऐसी बातों पर ध्यान नहीं दे रही है। जनता को देश के विकास, आम लोगों की समस्याओं और युवाओं के भविष्य की चिंता है, जबकि राहुल गांधी और विपक्षी गठबंधन ऐसे मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, जिनसे देश को कोई लाभ नहीं होने वाला है।
उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त जैसे संवैधानिक पद को लेकर विपक्ष का विरोध राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित है। भाजपा सांसद ने विश्वास जताया कि जनता राहुल गांधी की बयानबाजी को गंभीरता से नहीं लेगी और आने वाले समय में भी उनकी बातों का कोई खास प्रभाव नहीं पड़ेगा।
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