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राहुल गांधी के विदेश दौरे पर भाजपा का निशाना, संबित पात्रा बोले- 'रिजीम चेंज' की हो रही साजिश

राहुल गांधी के विदेश दौरे पर भाजपा का निशाना, संबित पात्रा बोले- 'रिजीम चेंज' की हो रही साजिश
राहुल गांधी के विदेश दौरे पर भाजपा का निशाना, संबित पात्रा बोले- 'रिजीम चेंज' की हो रही साजिश

भुवनेश्वर, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं लोकसभा सांसद डॉ. संबित पात्रा ने बुधवार को भुवनेश्वर, ओडिशा में प्रेसवार्ता को संबोधित किया और कहा कि आशुतोष रांका और सौरव दास की न्यायिक हिरासत तिरंगा फहराने के कारण नहीं, बल्कि पीस बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन के कारण हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन 1 नवंबर को रामलीला मैदान में प्रस्तावित प्रदर्शन के जरिए अराजकता फैलाकर सत्ता परिवर्तन की कोशिश कर रहे हैं।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने 1984 के सिख नरसंहार का उल्लेख करते हुए जनता से लोकतांत्रिक तरीके से ऐसी कथित साजिशों का विरोध करने और देश की एकता व संवैधानिक संस्थाओं की रक्षा करने की अपील की। डॉ. संबित पात्रा ने कहा कि आज हम कुछ खुलासे करेंगे और कुछ लोगों के मंसूबे उनके काले इरादे किस प्रकार उजागर हुए हैं, उन्हें भी सामने रखेंगे। कुछ घंटे पहले हमने देखा कि सीजेपी की न्यायिक हिरासत में मौजूद कार्यकर्ताओं द्वारा स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश को चुनौती दिए जाने के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। पूरे देश में एक माहौल बनाया गया। पिछले कुछ दिनों से यह माहौल बनाया जा रहा था कि कुछ लोग हिंदुस्तान का झंडा, भारत का तिरंगा फहराना चाहते हैं, लेकिन भारत सरकार कितनी तानाशाही है कि वह इन लोगों को भारत का झंडा फहराने से रोक रही है। चंद लोगों ने पूरे देश में इस प्रकार का माहोल बनाने की कोशिश की। इन लोगों ने भारत की जनता को गुमराह करने का प्रयास करते हुए कहा कि उन्हें हिरासत में इसलिए लिया गया और कस्टडी में इसलिए रखा गया, क्योंकि वे केवल भारत का तिरंगा फहराना चाहते थे।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि आज जब आशुतोष रांका ओर सौरव दास की न्यायिक हिरासत के मामले में सुनवाई हुई, तो दिल्ली हाई कोर्ट ने जो प्रश्न पूछे, उन्हें पूरे देश को जानना चाहिए। उनकी न्यायिक हिरासत तिरंगे को लेकर नहीं हुई है, बल्कि उस पीस बॉन्ड की शर्तों का पालन नहीं करने के कारण हुई है, जिस पर उन्होंने हस्ताक्षर किए थे। जब पहली बार आशुतोष रांका और सौरव दास हिरासत में लिया गया था, तब उन्होंने एक पीस बॉन्ड पर हस्ताक्षर किए थे। इसमें उन्होंने आश्वासन दिया था कि बाहर आने के बाद वे ऐसा कोई कार्य नहीं करेंगे, जिससे देश में अशांति फैले और शांति भंग हो लेकिन बाहर निकलने के कुछ ही घंटों के भीतर उन्होंने अपने पीस बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन कर दिया। आज इसी बात का खुलासा हुआ है। उन्होंने जो विक्टिम कार्ड खेलते हुए पूरे मामले को पेश किया था, वह आज दिल्ली हाई कोर्ट के प्रश्नों के सामने तार-तार हो गया है।

डॉ. पात्रा ने कहा कि दिल्ली हाई कोर्ट ने पूछा कि आपकी उम्र क्या है? इस पर एक ने अपनी उम्र 27 वर्ष और दूसरे ने 31 वर्ष बताई। इस पर दिल्ली हाई कोर्ट ने स्ट कहा कि आप जेन जी नहीं हैं। यदि आपकी उम्र 27 और 31 वर्ष है तो आप जेन जी का प्रतिनिधित्व नहीं करते, जबकि आप दावा कर रहे हैं कि आप उनका प्रतिनिधित्व करते हैं। दिल्ली हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी यह भी की कि जब यह पूरा मामला शुरू हुआ था, तब मुद्दा अलग था। उस समय बच्चे सड़कों पर उतरे थे और विषय कुछ और था लेकिन अब मुद्दे बदल गए हैं, जबकि लोग वही हैं। यानी लोग वही हैं, लेकिन मुद्दे बदल गए हैं। इसका मतलब है कि कहीं न कहीं उन्हीं लोगों द्वारा पूरे देश में एक तरह का प्रायोजित आंदोलन चलाया जा रहा है और इसके पीछे एक प्रायोजित मंशा है।

डॉ. संबित पात्रा ने कहा कि जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने यह चेतावनी भी दी कि यदि प्रदर्शन के आयोजक अपना नियंत्रण खो देते हैं, तो विरोध-प्रदर्शन आगजनी, लूटपाट और हिंसा में बदल सकते हैं। ऐसी स्थिति में जान-माल का नुकसान भी हो सकता है। यह देखना महत्वपूर्ण है कि आज कानूनी व्यवस्था ने इन तथाकथित प्रदर्शनकारियों के प्रति किस प्रकार की चिंता व्यक्त की है। भारत का तिरंगा हमारी संप्रभुता और स्वतंत्रता का प्रतीक है। यह देश की आजादी का प्रतीक है, न कि कोई ऐसी कानूनी छूट, जिसके सहारे तिरंगे की आड़ में अराजकता फैलाई जा सके। भारत का राष्ट्रीय ध्वज किसी को भी कानूनी प्रतिरक्षा नहीं देता कि वह तिरंगे का बहाना बनाकर पूरे देश में अराजकता फैलाए। आज इन सभी बातों पर न्यायालय में स्थिति स्पष्ट हुई है।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि कोर्ट ने कुछ और बातें भी कही हैं, जिन्हें में आपके सामने हूबहू रखना चाहूंगा। कोर्ट ने कहा, "वही लोग बने रहते हैं, लेकिन उनके मुद्दे बदल जाते हैं। यानी वही लोग हैं, लेकिन उनके मुद्दे बदलते रहते हैं और वे हर बार एक नया मुद्दा लेकर सामने आते हैं कोर्ट ने यह भी पूछा, आप कौन हैं? आपका किससे जुड़ाव है? आपके इस जुड़ाव का उद्देश्य क्या है?" यानी आप कौन हैं, इन मुद्दों से आपका क्या संबंध है और आपके इन जुड़ावों के पीछे आखिरकार उद्देश्य क्या है? दिल्ली हाई कोर्ट के ये प्रश्न जवाब मांगते हैं कि आप कौन हैं, आपका जुड़ाव क्या है और उसका उद्देश्य क्या है? नेहा बोरा, प्रशांत भूषण से लेकर संजय राउत तक तमाम लोगों ने इस उद्देश्य को बताया है। उनके अनुसार इसका एकमात्र उद्देश्य रेजीम चेंज यानी सत्ता परिवर्तन या तख्तापलट है। इसके लिए यदि हिंसा का सहारा भी लेना पड़े, तो कुछ लोग उसके समर्थन में भी उतर आए हैं।

डॉ. पात्रा ने कहा कि संजय राउत ने कल अल्बानिया की संसद में आग लगने की तस्वीरें दिखाई और इसका समर्थन करते हुए कहा कि भारत में भी ऐसा होना चाहिए। संजय राउत का कहना था कि भारत की सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट और संसद में भी आग लगनी चाहिए। संजय राउत ने यह भी कहा कि राहुल गांधी विदेश गए हैं और जब वे वापस आएंगे, तब देखिएगा कि क्या होता है, देश में जलजला आएगा। राहुल गांधी विदेश में अपने सहयोगियों के साथ यह रणनीति बनाने गए हैं कि किस प्रकार भारत को नष्ट किया जाए. देश में तख्तापलट किया जाए और रेजीम चेंज' यानी सत्ता परिवर्तन किया जाए। राहुल गांधी सोरोस एंड कंपनी से इस संबंध में चर्चा करने गए हैं कि पिछली कोशिशों में कहां चूक रह गई। कोशिश तो पूरी की गई थी, लेकिन भारत की जनता ने उनका साथ नहीं दिया। अब आगे क्या करना है और इस पूरे विषय को किस प्रकार आगे बढ़ाना है, ताकि भारत कमजोर हो जाए और यहां रेजीम चेंज' किया जा सके।

डॉ. संबित पात्रा ने कहा कि कल विजयादशमी के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने भाषण में एक बहुत बड़ी बात कही। उन्होंने कहा कि जो लोग देश के मान-सम्मान और गौरव को चोट पहुंचाते हैं, देश को बांटने की कोशिश करते हैं, साजिश रचते हैं और हमारी संस्कृति से नफरत करते हैं, वे भारत के दुश्मन हैं। इसलिए हमें भारत के दुश्मनों से बहुत सावधान रहने की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत के दुश्मन कौन हैं। भारत का दुश्मन वह व्यक्ति है, जो विदेश जाकर विदेशी ताकतों से यह सीखता है कि भारत में लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार को कैसे हटाया जाए। भारत का दुश्मन वह है, जो विदेश जाकर यह सीखकर आता है कि देश में तख्तापलट कैसे किया जाए, आगजनी कैसे की जाए, हिंसा कैसे भड़काई जाए संसद में आग कैसे लगाई जाए चुनावों को निष्पक्ष तरीके से होने से कैसे रोका जाए और देश की संवैधानिक संस्थाओं को कैसे कमजोर किया जाए। ऐसे लोगों को बख्शा नहीं जाना चाहिए। भारत का दुश्मन वह भी है, जो कहता है कि बांग्लादेश ने हमें रास्ता दिखाया है और हमने बांग्लादेश से सीखा है। वे बांग्लादेश को अपना प्रेरणास्रोत बताते हैं और कहते हैं कि वहां के लोगों ने दिखाया कि धार्मिक कट्टरपंथ के खिलाफ कैसे लड़ा जाता है। भारत कोई धार्मिक कट्टरपंथी राज्य नहीं है। जो लोग भारत में धार्मिक कट्टरपंथ के नाम पर 'रेजीम चेंज' यानी सत्ता परिवर्तन की बात करते हैं, वे भारत के दुश्मन हैं और उनके साथ उसी के अनुरूप व्यवहार किया जाना चाहिए।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि भारत के दुश्मन कौन हैं? भारत के दुश्मन प्रशांत भूषण जैसे लोग हैं, जो कहते हैं कि हमें रेजीम चेंज करना है, चाहे इसके लिए कुछ भी क्यों न करना पड़े। इन सभी भारत के दुश्मनों से सावधान रहने की आवश्यकता है। कल विजयदशमी के अवसर पर तीन पुतलों का दहन किया गया था और मैंने आपको तीन घटनाओं के बारे में बताया। हम भारत के दुश्मनों का दहन लोकतांत्रिक तरीके से करेंगे। यह दहन वोट के माध्यम से और जनता को जागरूक करके किया जाएगा। जनता ही जनार्दन है। जनता के बीच सत्य रखकर हम भारत के दुश्मनों के पुतलों का दहन करेंगे। एक दुश्मन जाकिर नाइक है, जो आतंकी है। सोनिया गांधी ने राजीव गांधी फाउंडेशन के लिए उससे पैसे लिए थे। जाकिर नाइक आज कुआलालंपुर में है और उसके एक स्टिंग ऑपरेशन में वह कह रहा है कि उसे भारत आने में डर लगता है और वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से डरता है। उसने यह भी कहा कि जब भारत में 'रेजीम चेंज हो जाएगा, तब वह भारत लौट आएगा। दाऊद इब्राहिम 'रेजीम चेंज' चाहता है और जाकिर नाइक भी 'रेजीम चेंज' चाहता है। देश के तमाम दुश्मन चाहते हैं कि भारत में रेजीम चेंज' हो, ताकि वे भारत वापस आ सकें।

डॉ. पात्रा ने कहा कि रेजीम चेंज' के सरगना चाहते हैं कि राहुल गांधी बिना चुनाव लड़े ही लॉन्च हो जाएं। जब एक सैटेलाइट भी लॉन्च होती है, तो उसके पीछे ईंधन लगाना पड़ता है, तभी वह लॉन्च हो पाती है। कोई भी चीज अपने आप लॉन्च नहीं हो जाती। राहुल गांधी के पीछे अब ईंधन भी नहीं बचा है, सारा ईंधन खत्म हो चुका है। उन्हें हजारों बार लॉन्च करने की कोशिश की गई, लेकिन वे लॉन्च नहीं हो पाए। अब उन्हें लॉन्च करने का आखिरी प्रयास किया जा रहा है। देश में आग लगाओ और राहुल गांधी को लॉन्च करो। इसी प्रयास के तहत राहुल गांधी विदेश गए हैं और सोरोस तथा उनके परिवार के लोगों के साथ बैठकें कर रहे हैं। यह केवल एक प्रेस कॉन्फ्रेंस तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राहुल गांधी विदेश में क्या कर रहे हैं, इसके सभी सबूत सामने रखे जाएंगे। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने कहा है कि देश नहीं झुकने दूंगा।" देश कभी नहीं झुकेगा और राहुल गांधी के खिलाफ एक-एक सबूत प्रस्तुत किया जाएगा।

डॉ. संबित पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी के विदेश से लौटने के बाद 1 नवंबर को इंडी गठबंधन के लोगों और कांग्रेस पार्टी ने रामलीला मैदान में बड़े प्रदर्शन की योजना बनाई है, जिसके जरिए देश में आगजनी और अराजकता फैलाने का प्रयास किया जाएगा। 1 नवंबर की तारीख इसलिए चुनी गई है, क्योंकि उनके अनुसार, 1 नवंबर 1984 को कांग्रेस पार्टी ने सिखों के खिलाफ दंगे शुरू किए थे। 1 नवंबर 1984 भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक काला दिन था, जब कांग्रेस पार्टी के शासनकाल में सिखों का नरसंहार हुआ था। देशभर की सड़कों पर 3,000 से अधिक सिखों की हत्या कर दी गई थी। आज कांग्रेस पार्टी मतदाता सूचियों और लोकतंत्र की बात कर रही है। लेकिन हम कांग्रेस पार्टी को बताना चाहते हैं कि जगदीश टाइटलर और सज्जन कुमार ने नई दिल्ली में मतदाता सूचियां निकाली थीं और उनमें सिख परिवारों के नामों पर निशान लगाए थे। कांग्रेस नेताओं ने मतदाता सूचियों के जरिए उन घरों की पहचान की, जहां सिख रहते थे। इसके बाद सिखों के गले में टायर डालकर उन्हें जिंदा जला दिया गया था। यह सब 1 नवंबर 1984 को हुआ था। आज कांग्रेस पार्टी ने 1 नवंबर 2026 को लोकतंत्र बचाने के दिन के रूप में चुना है। कांग्रेस पार्टी 1 नवंबर 2026 को रामलीला मैदान में अपना कार्यक्रम करे। पूरा देश देख रहा है और हमारे सिख भाई भी देख रहे हैं। इसका जवाब पंजाब देगा और इसका जवाब हिंदुस्तान देगा।"

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि राजीव गांधी ने 1984 में कहा था, "बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती हिलती है।" अब हम भी समझ रहे हैं कि कांग्रेस पार्टी की 1 नवंबर 2026 की पूरी योजना के पीछे यही मंशा है कि फिर से एक बड़ा पेड़ गिराकर धरती हिलाई जाए। बड़े पेड़ को गिराने का अर्थ है रेजीम चेंज', यानी सत्ता परिवर्तन लोकतंत्र में सबसे बड़ा पेड़ जनता जनार्दन की इच्छा और उनके द्वारा चुनी गई सरकार होती है। इनका बड़ा पेड़ रेजीम चेंज' है और धरती का हिलना भारत माता का जलना, भारत माता का हिल जाना है। कांग्रेस यह न सोचे कि बार-बार "बड़ा पेड़ गिरेगा और धरती हिलेगी जैसी घटनाएं भारतवर्ष में संभव होंगी। तब कांग्रेस का जमाना था, लेकिन अब जमाना उस प्रधानमंत्री का है, जिन्होंने कहा है, 'देश नहीं झुकने दूंगा, देश नहीं मिटने दूंगा।"

उन्होंने कहा कि देश किसी भी कीमत पर झुकेगा नहीं और किसी भी कीमत पर मिटेगा नहीं। आज हमें एकजुट होकर ऐसी तमाम ताकतों के खिलाफ लड़ना है। हमें उन सभी विचारधाराओं के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करना है, जो भारतवर्ष में रेजीम चेंज की कोशिश कर रही हैं और सड़कों पर आगजनी करके अराजकता फैलाना चाहती हैं। आज यूरोप में जो स्ट्रीट वॉर के दृश्य देखने को मिल रहे हैं, वैसी स्थिति भारत में पैदा करने की कोशिश की जा रही है। यह भारतवर्ष है, यह भारतवर्ष है, यह जगन्नाथ जी की भूमि है। भारत की आध्यात्मिक चेतना ऐसी किसी भी अप्रिय घटना को रोकने में सक्षम होगी, क्योंकि भारत की चेतना उन लोगों से कहीं अधिक श्रेष्ठ है, जो भारत को नष्ट करने का प्रयास कर रहे हैं।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी

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