राहुल गांधी के 'दो कप' वाले बयान पर सियासी संग्राम, भाजपा बोली- नफरत फैलाने की कोशिश
पटना, 30 अगस्त (आईएएनएस)। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के दलित समुदाय और 'दो कप' वाले बयान पर बिहार में सियासी घमासान तेज हो गया है। भाजपा ने राहुल गांधी पर झूठ फैलाने और समाज को बांटने का आरोप लगाया है, वहीं कांग्रेस ने उनके बयान का समर्थन किया है।
पटना में भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, "राहुल गांधी के पास कोई मुद्दा नहीं है। वे जो भी मुद्दा उठाते हैं, उसी पर उन्हें मुंह की खानी पड़ती है। उन्होंने वंदे मातरम का मुद्दा उठाया और उस पर भी उन्हें मुंह की खानी पड़ी।"
बिहार सरकार के मंत्री अशोक कुमार चौधरी ने भी राहुल गांधी के 'दो कप' वाले बयान पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, "इसके लिए कौन जिम्मेदार है? इतने सालों तक किसने शासन किया? 10 साल की सरकार या 50 साल की सरकार? उन्हें खुद से यह सवाल पूछना चाहिए।"
दिल्ली में भाजपा प्रवक्ता यासिर जिलानी ने राहुल गांधी पर नफरत फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "राहुल गांधी लगातार झूठ बोल रहे हैं। जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के बाद ऐसा लगता है कि उन्हें कोई जादुई नुस्खा मिल गया है, लेकिन यह उनकी गलतफहमी है। किसी सड़क किनारे की रेहड़ी या चाय की दुकान पर इस तरीके का भेदभाव नहीं हो रहा है।"
उन्होंने आगे कहा, "राहुल गांधी, आप नफरत क्यों फैला रहे हैं? इससे आपके वोट बढ़ेंगे नहीं, बल्कि घटेंगे ही। भारत में हम सब मिलजुल कर रहते हैं और सुख-दुख में एक-दूसरे का साथ देते हैं।"
मुंबई में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता तुहिन ए. सिन्हा ने कहा, "राहुल गांधी का जीवन में बस एक ही मकसद है - झूठ बोलकर लोगों को गुमराह करना, क्योंकि न तो उनमें सच बोलने की क्षमता है और न ही सच को समझने की। इसलिए, जब वे 'छात्रों की गूंज' रैली में छात्रों को गुमराह और भ्रमित कर रहे थे, तो 'झूठ की गूंज' लॉन्च हुआ, जो उनके हर दावे की सच्चाई की जांच करती है और छात्रों के सामने सही तथ्य रखती है।"
वहीं, कांग्रेस नेता उदित राज ने राहुल गांधी के दलित समुदाय को लेकर दिए बयान का समर्थन किया। उन्होंने कहा, "हिंदू धर्म की सच्चाई भी सामने आएगी। अगर चमार, वाल्मीकि, खटीक या धनुक समुदाय का कोई व्यक्ति चाय की दुकान खोलता है, तो क्या वे उन दुकानों को चला पाएंगे? क्या वे रेस्तरां चला पाएंगे? जो लोग कहते हैं कि जातिगत भेदभाव या पक्षपात नहीं है, उनके सामने सच्चाई आ जाएगी।"
बता दें कि राहुल गांधी ने शनिवार को किए गए प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि चाय की दुकान पर दो तरह के कप होते हैं। एक कप दलितों को दिया जाता है, जिसे इस्तेमाल करके फेंक दिया जाता है और दूसरा सवर्ण समाज का कप होता है, जो फिर से इस्तेमाल किया जाता है। उनके इस बयान पर सियासी विवाद खड़ा हो गया है।
--आईएएनएस
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