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राहुल गांधी के अहंकार और अनुशासनहीनता की भेंट चढ़ा मानसून सत्र: रविशंकर प्रसाद

राहुल गांधी के अहंकार और अनुशासनहीनता की भेंट चढ़ा मानसून सत्र: रविशंकर प्रसाद
राहुल गांधी के अहंकार और अनुशासनहीनता की भेंट चढ़ा मानसून सत्र: रविशंकर प्रसाद

नई दिल्ली, 13 अगस्त (आईएएनएस)। भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने पार्टी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा।

रविशंकर प्रसाद ने कहा, "मानसून सत्र एक नेता के अहंकार, अनुशासनहीनता और उदंडता की भेंट चढ़ गया। बिना परमिशन लिए राहुल गांधी प्रधानमंत्री के निवास के गेट पर बैठ गए। जब सरकार की ओर से चर्चा के लिए कहा गया, तो उन्होंने कहा कि हमें इस्तीफा चाहिए। सरकार ने नीट पर बहुत कड़ा कानून बनाया। फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था की गई। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद उनकी ओर से दूसरी मांगें कर दी गईं।

भाजपा सांसद ने कहा कि राहुल गांधी की ओर से बार-बार कहा जा रहा था कि पुलिस की कार्रवाई पर गृह मंत्री जवाब दें। कल गृह मंत्री की ओर से कहा गया कि मैं 24 घंटे पूरी बहस सुनने को तैयार हूं और उनके सारे तर्कों का जवाब देने को तैयार हूं। घटना को लेकर एक-एक बिंदु पर जवाब दूंगा। किरेन रिजिजू की ओर से सदन में भी इस बात को उठाया गया। स्पीकर की ओर से बहस कराने को कहा गया तब उनकी (राहुल गांधी) की ओर से मूर्खतापूर्ण कमेंट किया गया।

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी को गवर्नेंस की बेसिक समझदारी नहीं है क्या? कभी गृह मंत्री के आदेश पर गोली चलती है क्या? अमित शाह 24 घंटे बैठने को तैयार हैं। इसके बाद भी उन्होंने (राहुल गांधी) कहा कि हमें उनका (गृह मंत्री) इस्तीफा चाहिए। जब गृह मंत्री बहस को तैयार हैं, तब राहुल गांधी ने कहा कि उनकी बात को सुनना क्या?

भाजपा नेता ने कहा कि राहुल गांधी की उदंडता से देश की राजनीति नहीं चलेगी। इसीलिए उनकी पार्टी की ऐसी हालत हुई है। सदन में हम लोगों ने देखा कि समाजवादियों के साथ राहुल गांधी राम मंदिर में चढ़ावे का मामला उठाने लगे। राहुल गांधी सदन नहीं चलने देते, फिर कहते हैं कि मेरी बात नहीं सुनी जाती है। राहुल गांधी गैर-जिम्मेवार, अपरिपक्व, अनुशासनहीन और अहंकारी हैं यह देश को समझना पड़ेगा। राहुल गांधी के अंदर राजनीतिक मर्यादा का कोई स्थान नहीं है।

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि हमने पहली भी कहा था और सरकार ने भी कहा है कि कोई गोली नहीं चली है। अच्छा होता कि अमित शाह की बात सुनते। उन्होंने सदन नहीं चलने दिया। यह काफी दुर्भाग्यपूर्ण है। हम इसकी भर्त्सना करते हैं।

--आईएएनएस

एसडी/वीसी

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