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राहुल गांधी का बयान निंदनीय, ऐसा आचरण लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा : राजनाथ सिंह

राहुल गांधी का बयान निंदनीय, ऐसा आचरण लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा : राजनाथ सिंह
राहुल गांधी का बयान निंदनीय, ऐसा आचरण लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा : राजनाथ सिंह

नई दिल्ली, 14 अगस्त (आईएएनएस)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत की विदेश नीति को लेकर राहुल गांधी की ओर से की गई टिप्पणियों पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान को बेहद गैर-जिम्मेदाराना और निंदनीय बताते हुए कहा कि यह व्यक्तिगत रूप से भी उनके लिए बेहद पीड़ादायक है। राजनाथ सिंह ने कहा, “कल विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत की विदेश नीति को लेकर जो टिप्पणियां कीं, वे न केवल बेहद गैर-जिम्मेदाराना और निंदनीय थीं, बल्कि व्यक्तिगत रूप से मेरे लिए भी बहुत पीड़ादायक थीं।”

उन्होंने कहा कि अपने लंबे राजनीतिक जीवन में उन्होंने विपक्ष के नेता के पद पर रहते हुए इस तरह का आचरण कभी नहीं देखा। राजनाथ सिंह ने कहा, “सुषमा स्वराज, अरुण जेटली, अटल जी, आडवाणी जी हों या अटल जी की सरकार के दौरान मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी, ऐसा व्यवहार कल्पना से भी परे था।” रक्षा मंत्री ने कहा कि विपक्ष के नेता का इस तरह का आचरण भारत में स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपराओं के लिए गंभीर खतरा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर राहुल गांधी के मन में चाहे जो भी शिकायत या नाराजगी हो, लेकिन इस तरह की अनुचित टिप्पणियां पूरी तरह अस्वीकार्य हैं। गौरतलब है कि राजनाथ सिंह की यह प्रतिक्रिया राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति पर तीखा हमला किए जाने के एक दिन बाद आई है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री की विदेश नीति पर सवाल उठाते हुए कहा था कि विदेश नीति को केवल दूसरे देशों के नेताओं से गले मिलने तक सीमित नहीं किया जा सकता।

राजनाथ सिंह ने कहा कि राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से गरिमा और जिम्मेदारी की अपेक्षा की जाती है। इसके अलावा स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर रक्षामंत्री ने सैनिकों से संवाद किया। यहां राजनाथ सिंह ने सशस्त्र बलों में महिलाओं के लिए बढ़ते अवसरों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्र निर्माण में नारी शक्ति का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में प्रशिक्षण पाने वाली महिला कैडेटों के पहले बैच का तीनों सेनाओं में अधिकारी के रूप में कमीशन होना ऐतिहासिक उपलब्धि है।

उन्होंने कहा, “यह इस बात का प्रमाण है कि साहस और नेतृत्व किसी एक लिंग तक सीमित नहीं हैं।” राजनाथ सिंह ने भारतीय सेना के नौकायन पोत त्रिवेणी पर आयोजित पहली त्रि-सेवा सर्व-महिला समुद्री परिक्रमा अभियान ‘समुद्र प्रदक्षिणा’ का भी उल्लेख किया। उन्होंने इसे नारी शक्ति से सशक्त ‘नए भारत’ का प्रतीक बताया। रक्षा मंत्री ने कहा कि 79 वर्ष पहले महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, सरोजिनी नायडू, रानी गैदिनल्यू और असंख्य ज्ञात-अज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों ने स्वतंत्र भारत की नींव रखी थी। आज देश की संप्रभुता, एकता और अखंडता की रक्षा की जिम्मेदारी सशस्त्र बलों पर है।

--आईएएनएस

जीसीबी/पीएम

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