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राहुल गांधी चाहे तो भी अब भारत में इमरजेंसी नहीं होगी लागू: प्रेम शुक्ला

नई दिल्ली, 4 जून (आईएएनएस)। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने राहुल गांधी के उस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि देश में इमरजेंसी लग सकती है। प्रेम शुक्ला ने कहा कि इमरजेंसी का इतिहास देश जानता है और यह इंदिरा गांधी के कार्यकाल में लागू हुई थी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी चाहे जो भी कहें, अब भारत में आपातकाल जैसा कदम दोबारा संभव नहीं है।
राहुल गांधी चाहे तो भी अब भारत में इमरजेंसी नहीं होगी लागू: प्रेम शुक्ला

नई दिल्ली, 4 जून (आईएएनएस)। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने राहुल गांधी के उस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि देश में इमरजेंसी लग सकती है। प्रेम शुक्ला ने कहा कि इमरजेंसी का इतिहास देश जानता है और यह इंदिरा गांधी के कार्यकाल में लागू हुई थी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी चाहे जो भी कहें, अब भारत में आपातकाल जैसा कदम दोबारा संभव नहीं है।

उन्होंने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक और संवैधानिक व्यवस्था में पूरी तरह विश्वास रखती है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश 2047 तक विकसित भारत बनने के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लंबे कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि वे जल्द ही एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाने जा रहे हैं, जो देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से भी लंबा होगा। 10 जून को यह एक बड़ा मील का पत्थर होगा, जब नरेंद्र मोदी निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले नेताओं में शामिल हो जाएंगे।

प्रेम शुक्ला ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव आया है। भारत 11वीं अर्थव्यवस्था से चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। उन्होंने कहा, "80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन, 45 से 50 करोड़ लोगों को जनधन योजना के तहत बैंकिंग सुविधा, करोड़ों लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर, 11 करोड़ शौचालय, 11 करोड़ एलपीजी कनेक्शन और हर घर जल जैसी योजनाओं का लाभ मिला है।" उनके अनुसार, इन योजनाओं से देश में बड़े स्तर पर सामाजिक और आर्थिक बदलाव आया है।

पश्चिम बंगाल की राजनीति पर बोलते हुए प्रेम शुक्ला ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस में बड़ी हलचल चल रही है और कई विधायक पार्टी छोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब किसी दल में नेतृत्व कमजोर होता है तो ऐसे बदलाव स्वाभाविक हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस डर, भूख और भ्रष्टाचार के आधार पर बनी पार्टी है और अब उसके नेता धीरे-धीरे पार्टी छोड़ रहे हैं, जिससे संगठन कमजोर हो रहा है।

इंडिया गठबंधन की बैठक को लेकर भी उन्होंने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अब विपक्षी गठबंधन में एकता नहीं बची है। उनके मुताबिक, डीएमके ने भी आगामी बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया है, जिससे यह साफ होता है कि गठबंधन में मतभेद बढ़ रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इंडिया गठबंधन अब कमजोर पड़ चुका है और इसमें शामिल दल एक-दूसरे से दूरी बना रहे हैं।

--आईएएनएस

पीआईएम/डीकेपी

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