'राहुल गांधी 'भारत बदनामी ब्रिगेड' के मुखिया बन चुके हैं', चीन वाली टिप्पणी पर भाजपा का पलटवार
नई दिल्ली, 14 जनवरी (आईएएनएस)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भारत-चीन तुलना वाले बयान पर सियासी घमासान मचा है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पलटवार करते हुए कहा कि राहुल गांधी 'भारत बदनामी ब्रिगेड' के मुखिया बन गए हैं, इसीलिए वह लगातार देश के खिलाफ दुष्प्रचार करते हैं।
भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि राहुल गांधी एलओपी का मतलब 'लीडर ऑफ अपोजिशन' नहीं, बल्कि 'लीडर ऑफ प्रोपेगेंडा' है। राहुल गांधी कभी भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था, तो कभी देश की संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ बयान देते हैं।
शहजाद पूनावाला ने कहा, "राहुल गांधी भारतीय अर्थव्यवस्था को 'डेड इकोनमी' बताते हैं। वह देश की मैन्युफैक्चरिंग के खिलाफ बयान देते हैं। आज जब भारत की अर्थव्यवस्था 11वें से चौथे स्थान पर आ गई है और मैन्युफैक्चरिंग लगातार बढ़ रही है, तो फिर से राहुल गांधी ने भारत के खिलाफ दुष्प्रचार किया है।" भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाए कि कांग्रेस को चीन से चंदा आता है, इसलिए वे चीन का प्रचार करते हैं।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने राहुल गांधी को जवाब देते हुए कहा, "प्रधानमंत्री लगातार तमिल भाषा, तमिल संस्कृति और तमिल विरासत को बढ़ावा देने पर जोर देते हैं। उन्होंने तमिल संगम जैसे कार्यक्रम शुरू किए हैं और ऐसे कार्यक्रमों में एक्टिव रूप से हिस्सा लेते हैं। अपने भाषणों में, वह लगातार तमिल भाषा और इसकी पुरानी परंपराओं के बारे में बात करते हैं। प्रधानमंत्री कहते हैं कि मेडिकल एग्जाम और प्रोफेशनल एग्जाम सहित शिक्षा में भी तमिल भाषा का इस्तेमाल किया जाना चाहिए, इसीलिए राहुल गांधी को परेशानी हो रही है, क्योंकि कांग्रेस पार्टी की सरकार ने यह सब नहीं किया था।"
बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा, "राहुल गांधी, सबसे पहले खुद को भारतीय समझें, भारतीय बनें और खुद को भारतीय संस्कृति और परंपरा से जोड़ें। आज भी उन्हें सिर्फ ननिहाल और विदेश ही आकर्षित करते हैं। जब इस मानसिकता से ऊभरेंगे, तब भारत का हर काम अच्छा लगेगा, भारत के हर लोग अच्छे लगेंगे और भारत विश्व के नेतृत्वकर्ता के रूप में दिखाई देगा।"
विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि भारत ने इतिहास में भी पूरे विश्व का नेतृत्व किया। फिर से वह अवसर आया है, इसलिए राहुल गांधी को पहले भारतीय बनना चाहिए। उन्हें यहां के लोगों को जानना-पहचानना चाहिए और देश के गौरव पर अभिमान करना चाहिए।
--आईएएनएस
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