केन-बेतवा परियोजना पर राहुल गांधी का सरकार पर हमला, वीडियो में बोले- 'आदिवासियों की जमीन ली, न मिला न्यायपूर्ण मुआवजा'
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि परियोजना से प्रभावित आदिवासियों और किसानों की जमीन तो अधिग्रहित कर ली गई, लेकिन उन्हें न न्यायपूर्ण मुआवजा मिला और न ही सम्मानजनक पुनर्वास। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार शांतिपूर्ण आंदोलन को पुलिस बल के जरिए दबाने की कोशिश कर रही है। सोमवार को राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर केन-बेतवा परियोजना से प्रभावित किसानों और आदिवासियों के आंदोलन का एक वीडियो साझा किया। वीडियो के साथ उन्होंने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए आदिवासी समुदाय के अधिकारों की बात कही।
'मोदी सरकार सत्य और सत्याग्रह दोनों से डरती है'
राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि "मोदी सरकार सत्य और सत्याग्रह, दोनों से डरती है। शांतिपूर्ण आंदोलन को पुलिस बल से कुचला जा रहा है।" उन्होंने कहा कि आदिवासी इस देश के पहले मालिक हैं और जल, जंगल तथा जमीन पर सबसे पहला अधिकार उन्हीं का है। उन्होंने आगे कहा कि प्रभावित आदिवासियों का सत्याग्रह अपने संवैधानिक और पारंपरिक अधिकारों की रक्षा के लिए है, जिसे दबाने के बजाय सरकार को उनकी बात सुननी चाहिए।
मुआवजा और पुनर्वास की उठाई मांग
राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी परियोजना से प्रभावित आदिवासी परिवारों और किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने सरकार से मांग की कि सभी प्रभावित परिवारों को न्यायपूर्ण मुआवजा और सम्मानजनक पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए।उन्होंने लिखा कि जब तक प्रभावित लोगों को न्याय नहीं मिलता, तब तक कांग्रेस उनका साथ देती रहेगी और उनके अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
वीडियो में दिखा आंदोलन, बैकग्राउंड में गूंजी कविता
राहुल गांधी द्वारा साझा किए गए वीडियो में केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना से प्रभावित लोग आंदोलन करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान और आदिवासी अपने अधिकारों की मांग करते नजर आते हैं।वीडियो के बैकग्राउंड में कवयित्री शिक्षा पारीक की कविता सुनाई देती है, जो संघर्ष, अधिकार और विस्थापन की पीड़ा को स्वर देती है। इस कविता के जरिए आंदोलन की भावनाओं को अभिव्यक्त करने की कोशिश की गई है।
परियोजना को लेकर लगातार उठ रहे हैं सवाल
केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना को देश की महत्वाकांक्षी जल परियोजनाओं में गिना जाता है। हालांकि, परियोजना से प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले कई ग्रामीण, किसान और आदिवासी लंबे समय से भूमि अधिग्रहण, मुआवजे और पुनर्वास को लेकर अपनी चिंताएं उठाते रहे हैं।राहुल गांधी के ताजा बयान के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है। वहीं, सरकार की ओर से राहुल गांधी के आरोपों पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

