दलितों के मुद्दे पर राहुल गांधी का हमला, वीडियो में बोले- देश में दो विचारधाराओं के बीच लड़ाई; स्मृति ईरानी ने भी दिया जवाब
कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दलितों पर होने वाले अत्याचार और देश में विचारधाराओं की लड़ाई का मुद्दा उठाया। राहुल गांधी ने कहा कि दलितों पर सदियों से अत्याचार होता आया है और आज भी सामाजिक बराबरी का सवाल महत्वपूर्ण बना हुआ है। उन्होंने कहा कि देश में दो अलग-अलग विचारधाराओं के बीच लड़ाई चल रही है।
राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब वे लगातार सामाजिक न्याय, महिलाओं के अधिकार और जातिगत असमानता जैसे मुद्दों को लेकर सरकार और भाजपा पर निशाना साध रहे हैं। कांग्रेस नेता अपने भाषणों में संविधान, सामाजिक बराबरी और वंचित वर्गों की भागीदारी को प्रमुख मुद्दा बनाते रहे हैं।
पुणे में महिलाओं की आजादी और पितृसत्ता पर बोले थे राहुल
राहुल गांधी ने इससे पहले 22 अगस्त को पुणे में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में महिलाओं की आजादी और पितृसत्ता के मुद्दे पर विस्तार से बात की थी। करीब एक घंटे 16 मिनट के अपने संबोधन में उन्होंने महिलाओं की स्वतंत्र पहचान और समाज में उनकी भूमिका पर अपनी बात रखी।राहुल गांधी ने कहा था कि किसी महिला की पहचान उसके पिता, पति या बेटे के नाम से नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसकी अपनी पहचान होनी चाहिए। उन्होंने पितृसत्तात्मक सोच की आलोचना करते हुए कहा कि महिलाओं को किसी पुरुष की पहचान या संपत्ति के रूप में देखने की मानसिकता को बदलने की जरूरत है।
मनुस्मृति का भी किया था जिक्र
पुणे के कार्यक्रम में राहुल गांधी ने मनुस्मृति का जिक्र करते हुए महिलाओं को पिता, पति और बच्चों की संपत्ति मानने वाली सोच को शर्मनाक बताया था। उन्होंने कहा कि महिलाओं को स्वतंत्र व्यक्ति के तौर पर देखने की जरूरत है।राहुल गांधी के इस बयान पर भाजपा नेताओं की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई। भाजपा ने कांग्रेस नेता पर महिलाओं के अधिकारों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी करने का आरोप लगाया और उनके सामने कई सवाल रखे।
स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी को दिया जवाब
भाजपा महासचिव स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर राहुल गांधी वास्तव में महिलाओं के अधिकार और राजनीतिक भागीदारी की बात करते हैं तो उन्हें महिला आरक्षण के मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी से 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू कराने के समर्थन के साथ पूरे वंदे मातरम के गायन का समर्थन करने की बात कही। उन्होंने वंदे मातरम के अंतिम दो पदों का जिक्र करते हुए कहा कि इनमें देवी दुर्गा को समर्पित भाव मौजूद है।
महिला अधिकारों को लेकर सियासी बहस तेज
राहुल गांधी और स्मृति ईरानी के बयानों के बाद महिला अधिकार, आरक्षण, सामाजिक न्याय और सांस्कृतिक प्रतीकों को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कांग्रेस जहां सामाजिक बराबरी और महिलाओं की स्वतंत्र पहचान को अपने राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बना रही है, वहीं भाजपा राहुल गांधी के बयानों पर सवाल उठाकर उन्हें राजनीतिक मुद्दों से जोड़ रही है।राहुल गांधी की ताजा प्रेस कॉन्फ्रेंस में दलितों पर अत्याचार और दो विचारधाराओं के बीच संघर्ष का मुद्दा उठाना भी इसी व्यापक राजनीतिक बहस का हिस्सा माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दोनों दलों के बीच बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।

