Samachar Nama
×

EWS आवास लॉटरी पर उठे सवाल, पारदर्शिता की कमी से बढ़ीं शिकायतें

EWS आवास लॉटरी पर उठे सवाल, पारदर्शिता की कमी से बढ़ीं शिकायतें

राजस्थान में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और जरूरतमंदों के लिए आरक्षित आवास योजनाओं की लॉटरी प्रक्रिया पर अब सवाल खड़े होने लगे हैं। बिल्डर-डवलपर्स के स्तर पर कराई जा रही लॉटरी में पारदर्शिता की कमी और अनियमितताओं की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे आवेदकों में असंतोष देखने को मिल रहा है।

सूत्रों के अनुसार, कई आवेदकों ने आरोप लगाया है कि लॉटरी प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से नहीं कराई जा रही। कुछ मामलों में पात्र आवेदकों के नाम सूची में होने के बावजूद चयन नहीं होने और अपात्र लोगों को लाभ मिलने जैसी शिकायतें सामने आई हैं। इससे पूरी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं।

बताया जा रहा है कि कई प्रोजेक्ट्स में लॉटरी ड्रॉ के दौरान स्पष्ट दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा। न तो पूरी प्रक्रिया को सार्वजनिक किया जा रहा है और न ही आवेदकों को पारदर्शी तरीके से जानकारी दी जा रही है। इससे संदेह की स्थिति और गहराती जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि EWS जैसी योजनाएं समाज के कमजोर वर्गों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं, इसलिए इनकी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए। यदि इस स्तर पर गड़बड़ियां होती हैं, तो इसका सीधा असर उन लोगों पर पड़ता है जिन्हें वास्तव में इन योजनाओं की जरूरत है।

इस बीच, कई सामाजिक संगठनों और आवेदकों ने सरकार और संबंधित विभागों से मांग की है कि लॉटरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही भविष्य में इस प्रक्रिया को ऑनलाइन और अधिक पारदर्शी बनाने पर जोर दिया गया है।

प्रशासनिक स्तर पर भी इन शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यदि कहीं भी अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित बिल्डर या एजेंसी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल EWS आवास लॉटरी को लेकर उठे ये सवाल राज्य में आवास योजनाओं की विश्वसनीयता और पारदर्शिता पर बड़ा मुद्दा बनते जा रहे हैं।

Share this story

Tags