कतर ने अरब लीग की विशेष बैठक में ईरान के अवैध और निंदनीय हमलों पर चर्चा की
नई दिल्ली, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। कतर राज्य ने अरब लीग परिषद की एक विशेष मंत्रिस्तरीय बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से हिस्सा लिया, जिसमें अरब देशों पर ईरान के कथित हमलों और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत ईरान की जिम्मेदारियों पर चर्चा की गई।
कतर विदेश मंत्रालय की ओर से आधिकारिक सोशल मीडिया एक्स अकाउंट पर जानकारी साझा करते हुए बताया, ''कतर ने अरब देशों पर ईरानी हमलों को लेकर अरब लीग परिषद की मंत्रिस्तरीय बैठक में हिस्सा लिया। यह बैठक अरब देशों के खिलाफ ईरान के "अवैध और निंदनीय" हमलों और साथ ही अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत इस्लामिक गणराज्य ईरान के दायित्वों पर केंद्रित थी।''
कतर ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित अरब लीग परिषद की एक विशेष मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लिया। इस बैठक में विदेश मामलों के राज्य मंत्री सुल्तान बिन साद अल मुरैखी ने कतर राज्य का प्रतिनिधित्व किया।
वहीं, भारत में भी शनिवार को होर्मुज में भारतीय जहाजों पर हुई गोलीबारी को गंभीरता से लेते हुए विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी किया। इसमें बताया गया कि इस मुद्दे पर ईरानी राजदूत मोहम्मद फथाली की विदेश सचिव विक्रम मिस्री के साथ बैठक हुई थी।
इस बैठक के दौरान, भारत ने दो भारतीय-ध्वज वाले जहाजों पर हुई गोलीबारी की घटना पर अपनी चिंता व्यक्त की। इन जहाजों पर ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की गनबोट्स ने फायरिंग की थी।
सोमवार को पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रमों पर अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल से जब पूछा गया कि क्या ईरान ने शनिवार को हुई गोलीबारी की घटना के बारे में भारत को कोई नई जानकारी दी है, तो उन्होंने कहा, "मैं आपको बस इतना बता सकता हूं कि हम होर्मुज जलडमरूमध्य से अपने जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए ईरानी अधिकारियों के लगातार संपर्क में हैं। साथ ही ईरान में हमारे कई भारतीय नागरिक भी मौजूद हैं, इसलिए हम उनकी सुरक्षा और कुशलता को लेकर भी ईरानी अधिकारियों से बातचीत कर रहे हैं।"
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ईरानी अधिकारियों के संपर्क में है और ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों और भारतीय जहाजों की सकुशल निकासी को लेकर बातचीत जारी रखे हुए है। भारत की पश्चिम एशिया के बदलते हालात पर पैनी नजर है और उस क्षेत्र के सभी देशों से संवाद जारी है।
--आईएएनएस
एवाई/डीकेपी

