भारत पहुंचे पुतिन, PM मोदी के साथ शुरू हुई अहम बैठक; रक्षा-ऊर्जा और व्यापार पर होगी चर्चा
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने भारत पहुंचे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम पहुंच गए हैं। यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पुतिन के बीच द्विपक्षीय बैठक शुरू हो गई है। दोनों नेताओं की इस मुलाकात पर पूरी दुनिया की नजर है। बैठक में भारत और रूस के बीच रक्षा, व्यापार, निवेश और ऊर्जा सहयोग को लेकर अहम चर्चा होने की उम्मीद है।
पुतिन शुक्रवार से भारत के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। उनका यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब भारत इस साल ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। रूसी राष्ट्रपति के साथ रूस का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत पहुंचा है।
ब्रिक्स सम्मेलन में पहली बार व्यक्तिगत रूप से शामिल होंगे पुतिन
रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यह पहली बार है जब व्लादिमीर पुतिन रूस से बाहर आयोजित हो रहे किसी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में व्यक्तिगत रूप से हिस्सा ले रहे हैं। फरवरी 2022 में युद्ध शुरू होने के बाद विदेशों में आयोजित ब्रिक्स बैठकों में उनकी व्यक्तिगत मौजूदगी नहीं रही थी।
ऐसे में पुतिन की भारत यात्रा को खास तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ब्रिक्स सम्मेलन के अलावा प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बैठक भी दोनों देशों के रिश्तों के लिहाज से अहम है।
दोनों नेता भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के साथ-साथ द्विपक्षीय व्यापार और निवेश बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा कर सकते हैं।
रक्षा और ऊर्जा सहयोग पर रहेगी खास नजर
मोदी-पुतिन बैठक में रक्षा सहयोग प्रमुख मुद्दों में शामिल रहने की संभावना है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से रक्षा क्षेत्र में मजबूत साझेदारी रही है। ऐसे में संभावित बड़े रक्षा समझौतों को लेकर भी इस बैठक पर खास नजर बनी हुई है।
इसके अलावा ऊर्जा सहयोग, व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के मुद्दे पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। भारत और रूस के बीच ऊर्जा क्षेत्र में भी लंबे समय से महत्वपूर्ण सहयोग रहा है।
शनिवार से शुरू होगा दो दिवसीय ब्रिक्स सम्मेलन
भारत की मेजबानी में दो दिवसीय ब्रिक्स शिखर सम्मेलन शनिवार से नई दिल्ली में शुरू होगा। बैठक में खाद्य, ऊर्जा और स्वास्थ्य सुरक्षा के साथ-साथ आपदा प्रबंधन और जरूरी सप्लाई चेन को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
इस बार ब्रिक्स सम्मेलन ऐसे वैश्विक माहौल में हो रहा है, जब रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया का संकट और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक तनाव वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर डाल रहे हैं।
इसके अलावा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़ी स्थिति और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की व्यापार एवं टैरिफ नीतियां भी वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों को प्रभावित करने वाले अहम मुद्दे हैं।
ऐसे में भारत में होने वाला यह ब्रिक्स सम्मेलन सिर्फ आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक सुरक्षा, ऊर्जा और व्यापार से जुड़े कई बड़े मुद्दों पर भी दुनिया की नजर रहेगी।

