पूरे विश्व में शांति होगी तो हम भी शांत रहेंगे: स्वामी अवधेशानंद गिरी
नागपुर, 27 मार्च (आईएएनएस)। जूना पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी महाराज ने विश्व की मौजूदा स्थिति को लेकर कहा कि अगर हम वर्तमान संदर्भों को देखें तो ये प्रचंड भोगवाद है। अधिक मेरे पास रहने की जो प्रवृत्ति है, वर्चस्व और प्रभुत्व का कारण बनता है। इसके कारण ही नेतृत्व की दिशा बनती है।
उन्होंने कहा कि आज की परिस्थितियां ये बता रही हैं कि जिसके पास अधिक भंडारण है, वो बड़ा है। भारत के पास इसका अहंकार कभी नहीं रहा। भारत के पास जो कुछ रहा है, वो दूसरों के लिए रहा है। विश्व एक कुटुंब है और हम उसके सदस्य हैं। ये हमारी मूल आत्मा है। हमारे इस लोक में केवल मेरा ही देश नहीं है। भारत केवल अपने लोगों की चिंता में नहीं रहता है। समस्त कल्याण के सूत्र भारत से हैं।
स्वामी अवधेशानंद गिरी ने कहा कि पूरे विश्व में शांति होगी तो हम भी शांत रहेंगे, ये भारत का विचार है। जो हमारे वैदिक विचार हैं, जो हमारे शास्त्र का विचार है, अगर पश्चिम में पहुंचे तो किसी प्रकार की कलह, उपद्रव या जो अशांति दिखाई दे रही है, वह शांत होगी। उन्होंने कहा कि पतझड़ के बाद बसंत आता है। बसंत की तैयारी भारत से होगी।
इससे पहले बीते 10 फरवरी को स्वामी अवधेशानंद गिरी ने मुरैना में भारत को हिंदू राष्ट्र बताते हुए कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बात करते हुए कहा था कि भारत अब पहले से कहीं ज्यादा मजबूत और समृद्ध राष्ट्र हो गया है। उन्होंने कहा था भारत सरकार शांतिपूर्ण समाज और सामाजिक खुशहाली के लिए काम कर रही है। इसी के साथ ही, उन्होंने सभी जातियों को बराबर कहा था।
उन्होंने कहा था कि आज के समय में सभी जातियां समान हैं और सभी का सम्मान होना चाहिए। हम किसी भी जाति के हों, लेकिन हम सब हिंदू हैं। हमें इस पर गर्व होना चाहिए। हिंदू बहुत आगे निकल गए हैं। योग और आयुर्वेद के रूप में हिंदू मूल्य पूरी दुनिया में फैल रहे हैं। मुस्लिम देशों में भी लोग योग कर रहे हैं। दुनिया भर में आयुर्वेद का सम्मान है।
--आईएएनएस
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