पंजाब सरकार पर भड़के अश्विनी शर्मा, बोले- 'आप' को न संविधान पर भरोसा और न ही न्यायपालिका पर
पठानकोट, 7 सितंबर (आईएएनएस)। पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के शपथ ग्रहण समारोह में पंजाब सरकार के शामिल न होने पर सियासत तेज हो गई है। भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष और विधायक अश्विनी शर्मा ने आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सरकार न संविधान में विश्वास रखती है, न न्यायपालिका में। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ आप सरकार गैंगस्टर फ्री पंजाब का नारा देती है, दूसरी तरफ 47 आपराधिक मामलों वाले गैंगस्टर को सम्मानित करती है।
भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष और विधायक अश्विनी शर्मा ने कहा, "मुझे लगता है कि 'सरकार' शब्द हटा देना चाहिए। इसका आम आदमी पार्टी की तरफ से विरोध हो रहा है। सरकारों का रवैया ऐसा तो नहीं होता। इस वक्त आम आदमी पार्टी की ऐसी सरकार है जिसका न ही देश के संविधान में विश्वास है, और न ही देश की न्यायपालिका के अंदर विश्वास है। यह केवल और केवल अपनी मनमर्जी के हिसाब से देश को चलाना चाहते हैं। हाई कोर्ट के मुख्य न्यायधीश की नियुक्ति राष्ट्रपति (द्रौपदी मुर्मु) के भेजने के बाद होती है। उसका स्वागत करने की जगह, उसका विरोध करना, यह आम आदमी पार्टी की सरकार की मानसिकता को दर्शाता है।"
आप प्रमुख को घेरते हुए भाजपा नेता ने कहा कि इनके आका अरविंद केजरीवाल लोकतंत्र की बातें करते हैं, पर लोकतांत्रिक तरीके से नहीं चलते। संविधान की बातें करते हैं, पर संविधान को नहीं मानते। न्यायपालिका की बातें करते हैं, पर न्यायपालिका के अंदर इनका विश्वास नहीं है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पंजाब को एक ऐसी सरकार मिली है, जिसका देश के न्यायपालिका के अंदर, लोकतंत्र के अंदर, संविधान के अंदर, विश्वास नहीं है।
अश्विनी शर्मा ने कहा कि मुझे लगता है कि उसकी एक प्रक्रिया होती है। उसका जवाब तो कोई सरकार से जुड़ा व्यक्ति देगा, लेकिन जो मैंने समाचार पत्रों में पढ़ा है कि जिस वक्त इनको सलाह देनी थी, इन्होंने उस वक्त सलाह दी नहीं है। लेकिन यह चीजें रुकती नहीं है। यह प्रक्रिया है। देश चलाने का एक सिस्टम है। न्यायपालिका का अपना एक सिस्टम है।
उन्होंने बताया कि पहले सुप्रीम कोर्ट इसका अनुमोदन करता है। राष्ट्रपति के पास जाता है। राष्ट्रपति के बाद राज्यपाल के पास आया है। राज्यपाल ने अपने दायित्व का निर्वाह किया है। मैं तो यही कह रहा हूं कि यह अराजकता फैलाने वाली पार्टी है।
भाजपा नेता ने कहा कि चीफ जस्टिस के शपथ ग्रहण में तो पंजाब के मुख्यमंत्री नहीं पहुंचेंगे, लेकिन जिसके ऊपर 47 आपराधिक मामले हों, ऐसे गैंगस्टर के गले में पटका डालने का समय मिल जाता है। एक तरफ नारा दे रहे हैं कि गैंगस्टर फ्री पंजाब बनाना है और इसके लिए हमने स्पेशल टास्क फोर्स बनाई है, दूसरी तरफ 47 आपराधिक मामलों वाले गैंगस्टर का सम्मान कर रहे हैं।
भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष और विधायक अश्विनी शर्मा ने कहा कि आज पंजाब डरा-सहमा हुआ है, व्यापारी और इंडस्ट्री सहमी हुई है। मुख्यमंत्री को गुरप्रीत के गले में पटका पहनाने का समय मिल जाता है, जिस पर जेल तोड़ने समेत 47 आपराधिक मामले दर्ज हैं, लेकिन न्यायपालिका पर भरोसा नहीं है।
--आईएएनएस
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