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पंजाब सरकार ने ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम 2026’ का नोटिफिकेशन जारी किया

चंडीगढ़, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। पंजाब सरकार ने 'जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026' का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। यह अधिनियम 13 अप्रैल को पंजाब विधानसभा में पारित किया गया था, जिसके बाद अब इसे औपचारिक रूप से लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी गई है।
पंजाब सरकार ने ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम 2026’ का नोटिफिकेशन जारी किया

चंडीगढ़, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। पंजाब सरकार ने 'जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026' का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। यह अधिनियम 13 अप्रैल को पंजाब विधानसभा में पारित किया गया था, जिसके बाद अब इसे औपचारिक रूप से लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी गई है।

सरकारी जानकारी के अनुसार, इस संशोधन अधिनियम का उद्देश्य धार्मिक भावनाओं और परंपराओं से जुड़े मामलों में व्यवस्था को और स्पष्ट तथा सुव्यवस्थित करना है। नोटिफिकेशन जारी होने के बाद राज्य में लंबे समय से चल रहा समाना मोर्चा समाप्त करने की भी घोषणा की गई है। इसे राज्य में चल रहे धार्मिक और सामाजिक तनाव को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, इस फैसले के बाद भाई गुरजीत सिंह खालसा श्री अखंड पाठ साहिब के भोग के बाद टावर से नीचे उतरेंगे। बताया जा रहा है कि यह प्रक्रिया धार्मिक रीति-रिवाजों और सहमति के आधार पर पूरी की जाएगी। प्रशासन की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।

पंजाब सरकार के इस कदम को राज्य में शांति और सौहार्द बनाए रखने की दिशा में एक अहम प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि सभी संबंधित पक्षों के साथ बातचीत और समझौते के बाद ही यह निर्णय लागू किया गया है, जिससे स्थिति को सामान्य किया जा सके।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है और पुलिस बल को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है। अधिकारियों ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

सरकार का मानना है कि इस अधिनियम और इससे जुड़े फैसलों से राज्य में चल रहे विवादों का समाधान निकालने में मदद मिलेगी और धार्मिक सौहार्द को और मजबूत किया जा सकेगा।

--आईएएनएस

एमएस/

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