पंजाब: नाबालिगों के कथित नशा सेवन का वीडियो शेयर कर रवनीत सिंह बिट्टू ने पंजाब सरकार पर साधा निशाना
चंडीगढ़, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने एक कथित वीडियो साझा कर पंजाब में नशे की समस्या को लेकर राज्य की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर तीखा हमला बोला है। वीडियो में एक नाबालिग बच्चे को कथित तौर पर नशे का सेवन करते हुए देखा जा सकता है, जिसे लेकर सियासी बहस तेज हो गई है।
रवनीत सिंह बिट्टू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर वीडियो साझा करते हुए कहा कि जिन हाथों में कलम और किताबें होनी चाहिए थीं, उन्हें राज्य सरकार की विफलता ने नशे की गिरफ्त में धकेल दिया है।
उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, "जिन हाथों में कलम और किताबें होनी चाहिए थीं, आम आदमी पार्टी सरकार की आपराधिक विफलता ने उन मासूम हाथों में जानलेवा नशा थमा दिया है।"
बिट्टू ने पंजाब सरकार के 'नशों के विरुद्ध युद्ध' अभियान पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार के बड़े-बड़े दावे पूरी तरह खोखले साबित हुए हैं और यह अभियान केवल विज्ञापनों और जनसंपर्क गतिविधियों तक सीमित रह गया है।
उन्होंने दावा किया कि कपूरथला के सुभानपुर क्षेत्र में 10 और 13 वर्ष के दो सगे भाइयों के कथित तौर पर नशे की गिरफ्त में आने की घटना केवल एक खबर नहीं, बल्कि पंजाब के भविष्य को लेकर गंभीर चेतावनी है।
भाजपा नेता ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को संबोधित करते हुए कहा, "मुख्यमंत्री भगवंत मान, सत्ता के नशे से बाहर आइए। आपकी सरकार की नाकामी और अनदेखी आज हमारे मासूम बच्चों की जिंदगियां निगल रही है।"
पंजाब में नशे की समस्या को लेकर विपक्ष लगातार राज्य सरकार को घेरता रहा है। हाल ही में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परमिंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद यह मुद्दा और अधिक राजनीतिक रूप से संवेदनशील हो गया था।
कांग्रेस और भाजपा ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया था कि नशे के खिलाफ बोलने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सरकार विफल रही है। विपक्षी दलों का आरोप है कि प्रदेश में नशा तस्करी और नशे के प्रसार को रोकने के लिए पर्याप्त प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं।
हालांकि, राज्य सरकार लगातार दावा करती रही है कि नशे के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है और तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
फिलहाल, रवनीत सिंह बिट्टू द्वारा साझा किए गए वीडियो को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और विपक्ष ने एक बार फिर पंजाब में नशे के मुद्दे पर सरकार को कठघरे में खड़ा किया है।
--आईएएनएस
एएमटी/डीकेपी

