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पंजाब में कानून-व्यवस्था चरमराई और भ्रष्टाचार अपने चरम पर : संबित पात्रा

पंजाब में कानून-व्यवस्था चरमराई और भ्रष्टाचार अपने चरम पर : संबित पात्रा
पंजाब में कानून-व्यवस्था चरमराई और भ्रष्टाचार अपने चरम पर : संबित पात्रा

नई दिल्ली, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। भाजपा सांसद संबित पात्रा ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यहां कानून-व्यवस्था चरमराई हुई है और भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर पहुंच गया है। भाजपा सांसद ने भ्रष्टाचार और अपराध से जुड़ी घटनाओं का जिक्र भी किया।

नई दिल्ली में प्रेस वार्ता करते हुए भाजपा सांसद ने कहा कि आज पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति किस कदर बिगड़ चुकी है, यह किसी से छिपा नहीं है। बीते महज 48 घंटों में पंजाब में हत्या की 4 घटनाएं सामने आई हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति कितनी चिंताजनक हो चुकी है। अमृतसर में एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर की हत्या कर दी गई। लुधियाना में पूर्व सरपंच की हत्या हुई। मुल्लांपुर में एक युवक को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया जबकि साहनेवाल में 35 वर्षीय युवक की हत्या कर दी गई। इस तरह पंजाब में पुलिस से लेकर आम जनता की लगातार हत्याएं की जा रही हैं। आज पंजाब में ऐसा लग रहा है कि कोई सुरक्षित नहीं है।

उन्होंने कहा कि पंजाब की भगवंत मान सरकार से जुड़ा एक बड़ा न्यायिक घटनाक्रम सामने आया है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की दो जजों की खंडपीठ ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के ओएसडी और उनके करीबी अन्य लोगों के खिलाफ ईडी द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़े मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया है। यह मामला एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान सामने आया। कोर्ट ने सीबीआई को मामले की जांच कर दो महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

उन्होंने कहा कि भगवंत मान के ओएसडी राजबीर सिंह घुम्मन और उनके कुछ अन्य अधिकारियों पर आरोप लगाए गए हैं कि वे बिचौलियों की भूमिका निभाते हुए सरकार से मिलने वाले लाभों को रिश्वत के माध्यम से कुछ लोगों तक पहुंचाने का काम करते हैं। आरोप यह भी है कि वे व्यापारिक हितों और सरकार के बीच बिचौलिये के तौर पर काम करते हैं। इन्हीं गंभीर आरोपों को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई थी। न्यायालय ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया है। मुझे लगता है कि आम आदमी पार्टी, भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल को इस पूरे मामले पर सफाई देनी चाहिए। जनता को बताया जाना चाहिए कि इन आरोपों की सच्चाई क्या है, कितने का घोटाला हुआ है, और मुख्यमंत्री के करीबी लोगों पर लगे इन गंभीर आरोपों की वास्तविकता क्या है।

पात्रा ने कहा कि भाजपा पहले से ही कहती आ रही थी कि पंजाब में चाहे कानून-व्यवस्था का मुद्दा हो या भ्रष्टाचार, दोनों ही चरम पर पहुंचा हुआ है। वहां कुछ भी ठीक नहीं है। कानून-व्यवस्था चरमराई हुई है और भ्रष्टाचार का बोलबाला है।

--आईएएनएस

डीकेएम/पीएम

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