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पंजाब, हरियाणा और हिमाचल साझा मांग- शुरू की जाएं लंदन, सिंगापुर और वैंकूवर की उड़ान

नई दिल्ली, 10 फरवरी (आईएएनएस)। राज्यसभा में मंगलवार को पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की एक महत्वपूर्ण और साझा मांग रखी गई। यह मांग चंडीगढ़ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लंदन, सिंगापुर और वैंकूवर के लिए नई विमान सेवाएं शुरू किए जाने से संबंधित है। मनोनीत राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू ने सरकार के समक्ष यह मांग रखी।
पंजाब, हरियाणा और हिमाचल साझा मांग- शुरू की जाएं लंदन, सिंगापुर और वैंकूवर की उड़ान

नई दिल्ली, 10 फरवरी (आईएएनएस)। राज्यसभा में मंगलवार को पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की एक महत्वपूर्ण और साझा मांग रखी गई। यह मांग चंडीगढ़ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लंदन, सिंगापुर और वैंकूवर के लिए नई विमान सेवाएं शुरू किए जाने से संबंधित है। मनोनीत राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू ने सरकार के समक्ष यह मांग रखी।

उन्होंने सदन को बताया कि चंडीगढ़ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से वर्तमान में केवल दुबई और अबू धाबी के लिए दो अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित हो रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस हवाई अड्डे की वार्षिक क्षमता लगभग 70 लाख यात्रियों की है। इसके विपरीत, वर्तमान में यह हवाई अड्डा लगभग 35 से 40 लाख यात्रियों के स्तर पर कार्य कर रहा है, अर्थात यह अभी भी काफी हद तक अंडर-यूटिलाइज्ड है।

उन्होंने सरकार से निवेदन किया कि यदि चंडीगढ़ हवाई अड्डे से सिंगापुर, लंदन और वैंकूवर के लिए नई विमान सेवाएं शुरू की जाती हैं, तो इससे पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के लोगों को अत्यधिक सुविधा मिलेगी। इसके लिए अनुरोध किया गया कि चंडीगढ़ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को प्वाइंट ऑफ कॉल की सूची में शामिल किया जाए, ताकि विदेशी एयरलाइंस के साथ-साथ हमारी घरेलू एयरलाइंस भी यहां से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित कर सकें।

इसके साथ ही उन्होंने यह भी निवेदन किया कि चंडीगढ़ से कार्गो उड़ानों की संख्या बढ़ाई जाए, जिससे विशेष रूप से पंजाब के कृषि-आधारित निर्यात को बढ़ावा मिल सके और किसानों तथा उद्यमियों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त हो। उन्होंने सरकार से इस मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का अनुरोध किया।

सतनाम सिंह संधू ने राज्यसभा में बोलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत ने बीते एक दशक में विमानन क्षेत्र में अभूतपूर्व विस्तार देखा है। वर्ष 2014 में जहां देश में केवल 74 हवाई अड्डे थे, वहीं आज यह संख्या बढ़कर 163 से अधिक हो चुकी है। यह उपलब्धि अपने आप में ऐतिहासिक है। उन्होंने सदन को बताया कि आज पंजाब के पास चंडीगढ़ और अमृतसर दो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे हैं तथा चार घरेलू हवाई अड्डे हैं।

उन्होंने कहा कि हम आभारी हैं कि प्रधानमंत्री गुरु रविदास जी की जयंती के अवसर पर 1 फरवरी को पंजाब पधारे और आदमपुर हवाई अड्डे का नाम संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के नाम पर रखने की घोषणा कर पंजाबियों की भावनाओं का सम्मान किया। इसके साथ ही हलवारा हवाई अड्डे को पंजाब को समर्पित करना भी राज्य के लिए एक बड़ा उपहार है। संधू ने कहा कि इस विकास के लिए पंजाब कृतज्ञ है, लेकिन जैसा कि कहा जाता है, दिल मांगे मोर। हम चाहते हैं कि हमारे क्षेत्र को इस प्रगति का और अधिक लाभ मिले।

--आईएएनएस

जीसीबी/एएस

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