पंजाब बंद से लेकर कानून व्यवस्था तक, भाजपा नेता फतेह जंग बाजवा ने 'आप' सरकार को घेरा
मोहाली, 21 अगस्त (आईएएनएस)। पंजाब भाजपा के उपाध्यक्ष फतेह जंग बाजवा ने बंदी सिंहों की रिहाई को लेकर बुलाए गए पंजाब बंद, राज्य की कानून व्यवस्था और शिरोमणि अकाली दल के साथ संभावित गठबंधन समेत विभिन्न मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
बंदी सिंहों की रिहाई के मुद्दे पर बाजवा ने कहा कि इस तरह के मामलों में सरकारों को मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी कैदी ने अपनी बीमार मां से मिलने के लिए पैरोल मांगी है, तो उसे इसकी अनुमति दी जानी चाहिए।
उन्होंने कहा, "यह सरकारों की जिम्मेदारी है। अगर किसी की मां बीमार है और उसने उससे मिलने के लिए पैरोल मांगी है, तो उसे मिलने की अनुमति दी जानी चाहिए। यह उसका मूल अधिकार है। सरकार को कम से कम 10 दिनों की पैरोल देनी चाहिए और इस विषय पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।"
वहीं, 1984 के सिख विरोधी दंगों के दोषी और पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार की मौत पर कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा की टिप्पणी को लेकर भी बाजवा ने कांग्रेस पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा, "मुझे यह कहते हुए दुख हो रहा है कि यदि हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से आजीवन कारावास की सजा पाए व्यक्ति आपका आदर्श है, तो कांग्रेस आखिर क्या संदेश देना चाहती है? यदि निर्दोष लोगों, खासकर सिखों की हत्या करने वाले लोग आपके रोल मॉडल हैं, तो इससे कांग्रेस का असली चेहरा जनता के सामने आ रहा है। सिख समाज और देश की जनता को यह देखना चाहिए कि कांग्रेस के नेता ऐसे लोगों को आदर्श बता रहे हैं। इससे अधिक शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण कुछ नहीं हो सकता।"
पंजाब की कानून व्यवस्था को लेकर भी भाजपा नेता ने आम आदमी पार्टी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है और सरकार हालात नियंत्रित करने में नाकाम साबित हो रही है।
बाजवा ने कहा, "पंजाब में कानून व्यवस्था की स्थिति बहुत खराब है। मौजूदा आम आदमी पार्टी सरकार इस मोर्चे पर पूरी तरह विफल रही है। यदि यही स्थिति जारी रही तो लोगों में डर और उद्योग जगत में असुरक्षा की भावना बढ़ती जाएगी। यह राज्य के हित में नहीं है। पंजाब को आगे बढ़ाने के लिए अनुकूल माहौल होना जरूरी है।"
भाजपा और शिरोमणि अकाली दल के बीच संभावित गठबंधन के सवाल पर फतेह जंग बाजवा ने कहा कि इस संबंध में अंतिम फैसला पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व करेगा।
उन्होंने कहा, "यह फैसला हाईकमान का विषय है। पार्टी नेतृत्व पहले ही तय कर चुका है कि भाजपा को पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ना है। हम सभी 117 सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं। गठबंधन होगा या नहीं, इसका निर्णय केंद्रीय नेतृत्व ही करेगा।"
--आईएएनएस
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