पुणे पुलिस ने बिश्नोई गैंग के चार आरोपियों को पकड़ा, पुलिस कमिश्नर बोले-डरने की जरूरत नहीं
पुणे, 7 जुलाई (आईएएनएस)। पुणे में फिरौती और फायरिंग से जुड़े बिश्नोई गैंग के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने बताया कि व्यापक जांच अभियान के बाद इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। कई राज्यों में चलाए गए ऑपरेशन के बाद गैंग की गतिविधियों को पूरी तरह निष्क्रिय कर दिया गया है और शहर के व्यापारियों व उद्योग जगत को घबराने की आवश्यकता नहीं है।
अमितेश कुमार ने बताया कि 22 तारीख को मिली फिरौती की कॉल के बाद पुणे पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बड़े स्तर पर जांच शुरू की थी। पिछले 15 दिनों के दौरान पुलिस की टीमें पांच राज्यों के विभिन्न शहरों में लगातार कार्रवाई करती रहीं। इस अभियान के दौरान कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में फायरिंग करने वाले, रेकी करने वाले और घटना से जुड़ी सूचनाएं उपलब्ध कराने वाले लोग शामिल हैं। यदि पूछताछ और आगे की जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
अमितेश कुमार ने कहा कि फिलहाल जिस गैंग ने इस पूरे घटनाक्रम को अंजाम दिया था, उसकी गतिविधियों को पूरी तरह निष्क्रिय कर दिया गया है। उन्होंने पुणे के नागरिकों, व्यापारियों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि पुणे शहर पुलिस उनकी सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यदि किसी भी व्यापारी या उद्योगपति को इस प्रकार की धमकी भरी कॉल या फिरौती की मांग प्राप्त होती है तो वह बिना किसी हिचकिचाहट के तुरंत पुणे पुलिस से संपर्क करे। पुलिस आवश्यक सुरक्षा उपाय उपलब्ध कराएगी और हर स्तर पर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यापारियों में किसी प्रकार का भय या असुरक्षा का माहौल बनने की आवश्यकता नहीं है। जिन अपराधियों की ओर से धमकी भरी कॉल की जा रही थीं, उन्हें प्रभावी कार्रवाई के जरिए निष्क्रिय कर दिया गया है। मामले की जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और पूछताछ पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस साजिश में और कौन-कौन शामिल था। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इसी दौरान पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने आगामी पालकी जुलूस की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष सुरक्षा के लिए लगभग 7 हजार पुलिस अधिकारी और कर्मचारी तैनात किए गए हैं। इनके साथ क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी), राज्य रिजर्व पुलिस बल (एसआरपीएफ), होमगार्ड, बम निरोधक एवं निष्क्रियकरण दस्ता (बीडीडीएस) सहित विशेष इकाइयों को भी लगाया गया है। पालकी बंदोबस्त की पूरी योजना बेहद व्यवस्थित ढंग से तैयार की गई है। सुरक्षा व्यवस्था में आधुनिक तकनीक का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। पालकी मार्ग और प्रमुख पड़ावों पर मोबाइल सर्विलांस व्हीकल, ड्रोन निगरानी प्रणाली और एआई आधारित कैमरे लगाए गए हैं। पुलिस प्रशासन ट्रस्टों और दिंडी प्रमुखों के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
अमितेश कुमार ने बताया कि इस बार लगातार बारिश और इंद्रायणी नदी के आसपास संभावित बाढ़ जैसी स्थिति को देखते हुए सुरक्षा योजना में अतिरिक्त बदलाव किए गए हैं। संभावना है कि कई श्रद्धालु आलंदी जाने के बजाय पहले ही पुणे शहर पहुंच जाएंगे, जिससे मंगलवार शाम और अगले दिन भीड़ बढ़ सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल और संसाधनों की तैनाती की गई है। 9 जुलाई की रात से लेकर 10 जुलाई तक मुकाम स्थलों पर बड़ी संख्या में दर्शनार्थियों के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। भवानी पेठ क्षेत्र में महानगरपालिका द्वारा श्रद्धालुओं के लिए अतिरिक्त स्थान उपलब्ध कराया गया है, जिससे भीड़ प्रबंधन में सुविधा होगी। पुणे पुलिस, महानगरपालिका और अन्य प्रशासनिक विभाग मिलकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि पूरा उत्सव शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो।
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि इस बार सुरक्षा व्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित तकनीक का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जा रहा है। एआई कैमरों और एनालिटिक्स की सहायता से भीड़ और लोगों की संख्या पर लगातार नजर रखी जाएगी। इसके अलावा ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (एएनपीआर) सिस्टम, फेस रिकॉग्निशन तकनीक और मोबाइल सर्विलांस यूनिट्स को भी सक्रिय किया गया है। एआई आधारित अलर्ट सिस्टम भी तैयार किया गया है, जिसके माध्यम से किसी भी असामान्य स्थिति या सुरक्षा संबंधी खतरे की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों और आम लोगों तक पहुंचाई जा सकेगी। उनका कहना था कि आधुनिक तकनीक और मजबूत सुरक्षा प्रबंधन के जरिए इस बार पालकी उत्सव को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुचारू रूप से संपन्न कराने की पूरी तैयारी कर ली गई है।
--आईएएनएस
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