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पासिंग आउट परेड में सेना प्रमुख ने 'सेवा परमो धर्मः' का दिया संदेश, कहा- 'एनडीए में जो शुरू होता है, वो जीवन भर साथ रहता है'

पुणे, 30 मई (आईएएनएस)। नेशनल डिफेंस एकेडमी (एनडीए) में 150वें कोर्स की पासिंग आउट परेड शनिवार को भव्य रूप से आयोजित की गई। परेड का निरीक्षण सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने किया। इस अवसर पर उन्होंने पासआउट हो रहे कैडेट्स को संबोधित करते हुए अपने 42 वर्षों के सैन्य जीवन के अनुभव साझा किए।
पासिंग आउट परेड में सेना प्रमुख ने 'सेवा परमो धर्मः' का दिया संदेश, कहा- 'एनडीए में जो शुरू होता है, वो जीवन भर साथ रहता है'

पुणे, 30 मई (आईएएनएस)। नेशनल डिफेंस एकेडमी (एनडीए) में 150वें कोर्स की पासिंग आउट परेड शनिवार को भव्य रूप से आयोजित की गई। परेड का निरीक्षण सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने किया। इस अवसर पर उन्होंने पासआउट हो रहे कैडेट्स को संबोधित करते हुए अपने 42 वर्षों के सैन्य जीवन के अनुभव साझा किए।

जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा, "150वें कोर्स की पासिंग आउट परेड का निरीक्षण करते हुए आज का दिन मेरे लिए बेहद गौरवपूर्ण और व्यक्तिगत रूप से विशेष है। 42 साल पहले मैं इसी परेड ग्राउंड से गुजरा था। आज जब मैं अपनी वर्दी उतारने की तैयारी कर रहा हूं और आप अपनी वर्दी पहनने जा रहे हैं, तो मैं पूरे यकीन से कह सकता हूं कि एनडीए में जो शुरू होता है, वह जीवन भर आपके साथ रहता है।"

सेना प्रमुख ने परेड कमांडर, सभी कैडेट्स और पुरस्कार विजेताओं की सराहना की। उन्होंने ‘चीता स्क्वाड्रन’ को विशेष बधाई दी और 12 मित्र देशों से आए चार विदेशी कैडेट्स का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अलग-अलग देशों से आए ये युवा एक ही मूल्यों और एक ही मिट्टी से जुड़कर जा रहे हैं।

जनरल द्विवेदी ने वर्तमान सुरक्षा परिदृश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा, "आज खतरे वर्दी में या घोषित मोर्चे पर नहीं आते। 'ऑपरेशन सिंधु' ने साबित किया है कि राष्ट्रीय शक्ति को कितनी सटीकता और दृढ़ता से प्रदर्शित किया जा सकता है। यही उच्च मानक अब आप सभी के कंधों पर है।"

उन्होंने संयुक्तता पर जोर देते हुए कहा कि तीनों सेनाओं की एकता एनडीए की नींव है। उन्होंने युवा अधिकारियों को तीन गुणों रवैया (एटीट्यूड), एडेप्टेबिलिटी और क्षमता (कॉम्पेटेंस) पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी।

महिला कैडेट्स की उपलब्धि का जिक्र करते हुए आर्मी चीफ ने कहा, "महिला कैडेट्स हर मानक पर खरी उतरी हैं। युद्ध और सेवा लिंग-निरपेक्ष होती है।" उन्होंने उनके परिवारों का भी आभार व्यक्त किया जिन्होंने उनका समर्थन किया।

जनरल द्विवेदी ने प्रशिक्षकों और स्टाफ की मेहनत की तारीफ की और पासआउट कैडेट्स को याद दिलाया कि 'सेवा परमो धर्मः' यही इस पेशे का मूल मंत्र है। एनडीए की पासिंग आउट परेड देश के सबसे प्रतिष्ठित सैन्य कार्यक्रमों में से एक है, जिसमें हर वर्ष सैकड़ों कैडेट थलसेना, नौसेना और वायुसेना में अधिकारी के रूप में शामिल होते हैं।

--आईएएनएस

एससीएच/पीएम

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