पुणे में रोहित पवार और उनके कार्यकर्ताओं ने अवैध शराब दुकान में की तोड़फोड़
पुणे, 29 मई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के पुणे में जहरीली शराब पीने से 12 से अधिक लोगों की मौत हो गई। इस घटना के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) यानी एनसीपी-एसपी के विधायक रोहित पवार और उनके कार्यकर्ता आक्रमक हो गए।
पुणे में रोहित पवार और उनके कार्यकर्ताओं ने मनसे के अंदाज में अवैध शराब दुकान में तोड़फोड़ की और उत्पात मचाया। रोहित पवार खुद उस शराब की दुकान पर पहुंचे, जहां यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी और काउंटर तोड़ दिया।
रोहित पवार ने कहा, “जब व्यवस्था काम नहीं करती, जब पुलिस प्रशासन कमजोर होता है, तब हमें जनता को संदेश देना पड़ता है। हमें कुछ चीजें अपने हाथ में लेनी पड़ती हैं। छोटी बच्चियां और महिलाएं अत्याचार का शिकार होती हैं, व्यवस्था मदद नहीं करती। अजित दादा के मामले में भी व्यवस्था मदद नहीं करती।”
उन्होंने अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा, “गरीब लोग शराब पीने से मर जाते हैं। व्यवस्था कुछ नहीं करती। ऐसे में लोगों को कानून अपने हाथ में लेना पड़ता है। कार्यकर्ताओं ने शराब की दुकानों में तोड़फोड़ की है। धर्म के नाम पर बुलडोजर चलाए जा रहे हैं। जब आम लोग मरते हैं तो प्रशासन चुप रहता है।"
रोहित पवार ने आरोप लगाया, "पुलिस से जब सवाल पूछा जाता है तो वह कहती है कि अभी तक कारण पता नहीं चला है। पुलिस किसी को बचाने की कोशिश कर रही है। एक व्यक्ति खुद ही हिरासत में चला जाता है। यह सब आगे की जांच को रोकने के लिए हो रहा है। पुलिस ने खुद एक व्यक्ति को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा। इसका मतलब है कि कोई जांच नहीं होगी। बड़े अपराधी बच निकलेंगे।"
इससे पहले, रोहित पवार ससून अस्पताल गए और जहरीली शराब से मरने वाले पीड़ित परिवारों से मिले।
बता दें कि पुणे और पिंपरी चिंचवड में जहरीली शराब पीने से करीब 12 से अधिक लोगों की मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि शराब में मेथनॉल मिलाए जाने के कारण यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी योगेश वानखेड़े को गिरफ्तार कर लिया है। शराब दुकान के मालिक कर्नल सिंह विरखा समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
--आईएएनएस
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