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दिल्ली में SIR के खिलाफ फिर सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी, वीडियो में जाने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग; पुलिस ने 100 लोगों को हिरासत में लिया

दिल्ली में SIR के खिलाफ फिर सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी, वीडियो में जाने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग; पुलिस ने 100 लोगों को हिरासत में लिया

दिल्ली में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। शुक्रवार को राजधानी के बंगला साहिब गुरुद्वारे के पास पीपल अगेंस्ट एसआईआर और छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के आह्वान पर प्रदर्शन किया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई। प्रदर्शन करीब तीन घंटे तक चला। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर बढ़ने से रोक दिया और रास्ते में ही करीब 100 लोगों को हिरासत में ले लिया।प्रदर्शन में शामिल लोग अपने हाथों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पोस्टर लेकर पहुंचे थे। उन्होंने SIR प्रक्रिया के खिलाफ नारेबाजी की और इसे वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर उनकी आपत्तियों पर ध्यान दिया जाना चाहिए। इस दौरान चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए गए।

बंगला साहिब से चुनाव आयोग तक मार्च का ऐलान

पीपल अगेंस्ट एसआईआर और AISA ने बंगला साहिब गुरुद्वारे से चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च निकालने का आह्वान किया था। हालांकि, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रास्ते में ही रोक दिया। इसके बाद पुलिस ने करीब 100 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मी तैनात रहे।प्रदर्शन करीब तीन घंटे तक चला। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने SIR वापस लेने और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को प्रमुखता से उठाया। संगठनों का कहना है कि वे इस मुद्दे पर अपना विरोध जारी रखेंगे।

22 दिनों में 9 से ज्यादा बार सड़कों पर उतरे संगठन

दिल्ली में SIR के खिलाफ पिछले 22 दिनों में नौ से अधिक बार विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों की ओर से विरोध प्रदर्शन किए जा चुके हैं। इन प्रदर्शनों में 10 पार्टियां और संगठन शामिल रहे हैं। इनमें INDIA ब्लॉक, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP), आम आदमी पार्टी (AAP), वामपंथी संगठन, AISA, स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI), संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) और छात्र एवं नागरिक अधिकार संगठनों के नाम शामिल हैं।इन संगठनों की ओर से SIR प्रक्रिया को वापस लेने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई जा रही है। लगातार हो रहे प्रदर्शनों से यह मुद्दा राजधानी की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है।

एनी राजा बोलीं- लोकतंत्र की रक्षा के लिए आए हैं

'पीपल अगेंस्ट एसआईआर' के विरोध प्रदर्शन के दौरान भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) की नेता एनी राजा भी शामिल हुईं। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, "हम लोकतंत्र को नष्ट करने के लिए केंद्र के धोखाधड़ी भरे तरीकों से देश की रक्षा करने आए हैं।"एनी राजा के इस बयान के जरिए प्रदर्शनकारियों ने SIR को लेकर अपनी राजनीतिक और लोकतांत्रिक चिंताओं को सामने रखा। प्रदर्शन में शामिल संगठनों ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग से जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।

SIR को लेकर जारी है राजनीतिक टकराव

SIR के मुद्दे पर राजनीतिक दलों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के बीच विरोध लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। एक तरफ प्रदर्शनकारी इस प्रक्रिया को वापस लेने और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, वहीं यह मुद्दा राजनीतिक बहस का हिस्सा बना हुआ है।शुक्रवार को हुआ प्रदर्शन इसी विरोध की अगली कड़ी माना जा रहा है। राजधानी में लगातार हो रहे प्रदर्शनों के बीच आने वाले दिनों में भी SIR को लेकर राजनीतिक गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। हालांकि, आगे के विरोध कार्यक्रमों और चुनाव आयोग की ओर से इन मांगों पर किसी प्रतिक्रिया की जानकारी सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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