वंदे मातरम् विवाद में प्रियांक खड़गे की BJP को चुनौती, वीडियो में बोले- बिना कागज देखे पूरा गाकर दिखाएं, मैं इस्तीफा दे दूंगा
कर्नाटक में वंदे मातरम् को लेकर राज्य सरकार और बीजेपी के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। अब कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र और विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक को खुली चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि दोनों नेता किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में बिना टेलीप्रॉम्प्टर, मोबाइल या कागज देखे वंदे मातरम् का पूरा संस्करण गाकर दिखाएं। अगर वे ऐसा करने में सफल रहते हैं तो वह अपने पद से इस्तीफा दे देंगे।
सरकारी कार्यक्रमों में दो अंतरे गाने का आदेश
दरअसल, कर्नाटक सरकार ने हाल ही में सरकारी कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के पहले दो अंतरे गाने का निर्देश जारी किया था। यह आदेश राज्य सरकार के अधिकांश आधिकारिक कार्यक्रमों पर लागू होगा। हालांकि, राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या राज्यपाल की मौजूदगी वाले कार्यक्रमों को इस व्यवस्था से बाहर रखा गया है। ऐसे आयोजनों में केंद्र के प्रोटोकॉल के अनुसार कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।राज्य सरकार के इस फैसले पर बीजेपी ने आपत्ति जताई है। बीजेपी की ओर से मांग की जा रही है कि सरकारी कार्यक्रमों में वंदे मातरम् का पूरा संस्करण गाया जाना चाहिए।
केंद्र के निर्देश का भी जिक्र
विवाद के बीच केंद्र सरकार के निर्देश का भी हवाला दिया जा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 9 जुलाई 2026 को राज्यों को वंदे मातरम् को लेकर दिशा-निर्देश भेजे थे। इसमें राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के साथ वंदे मातरम् के पूरे आधिकारिक संस्करण के गायन से जुड़ी व्यवस्था बताई गई थी। कर्नाटक सरकार के दो अंतरे वाले आदेश को चुनौती देते हुए कर्नाटक हाईकोर्ट में जनहित याचिका भी दाखिल की गई है। याचिका में दावा किया गया है कि राज्य का आदेश केंद्र के निर्देशों के विपरीत है।
प्रियांक खड़गे ने क्या कहा?
प्रियांक खड़गे ने बीजेपी नेताओं बीवाई विजयेंद्र और आर. अशोक को चुनौती देते हुए कहा कि वे किसी सार्वजनिक मंच पर बिना किसी कागज, मोबाइल या टेलीप्रॉम्प्टर की मदद के वंदे मातरम् का पूरा संस्करण सुनाएं। उन्होंने कहा कि अगर दोनों नेता ऐसा कर देते हैं तो वह इस्तीफा दे देंगे।खड़गे ने राज्य सरकार के दो अंतरे वाले फैसले का बचाव करते हुए ऐतिहासिक संदर्भों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने पहले भी वंदे मातरम् के शुरुआती दो अंतरों के इस्तेमाल की व्यवस्था का पालन किया है।
विधानसभा में भी हो सकती है चर्चा
खड़गे ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर वह विधानसभा अध्यक्ष से अनुरोध करेंगे कि बीजेपी विधायकों को विधानसभा में वंदे मातरम् का पूरा संस्करण गाने के लिए समय दिया जाए। इस बीच बीवाई विजयेंद्र ने खड़गे की चुनौती पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनकी क्षमता का जल्द पता चल जाएगा और इस मुद्दे पर विधानसभा में बात की जाएगी।कर्नाटक में यह विवाद अब राजनीतिक बयानबाजी से आगे बढ़कर कानूनी चुनौती तक पहुंच चुका है। हाईकोर्ट में दायर याचिका पर आगे की सुनवाई के बाद यह स्पष्ट हो सकता है कि राज्य सरकार के दो अंतरे वाले निर्देश को लेकर अदालत का क्या रुख रहता है।

