त्रिची में निजी बस ड्राइवर की दबंगई: तेज रफ्तार पर टोका तो यात्री से की मारपीट, सुबह-सुबह हंगामा
तमिलनाडु के त्रिची शहर में शुक्रवार, 30 जनवरी 2026 की सुबह एक निजी बस ड्राइवर की खतरनाक और हिंसक हरकत ने यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। आरोप है कि तेज रफ्तार और लापरवाही से बस चला रहे ड्राइवर को जब एक यात्री ने सुरक्षित ड्राइविंग की सलाह दी, तो उसने गुस्से में आकर न सिर्फ बहस की, बल्कि यात्री के साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट भी की। घटना के बाद बस में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, “शंकर” नाम की एक निजी बस पुराने बस स्टैंड से नए बस स्टैंड की ओर जा रही थी। सुबह का समय होने के कारण बस में ऑफिस और कामकाज के लिए निकलने वाले कई यात्री सवार थे। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि ड्राइवर शुरुआत से ही बस को तेज रफ्तार और लापरवाही से चला रहा था, जिससे यात्रियों में डर का माहौल बन गया।
बताया जा रहा है कि बस कई जगह अचानक ब्रेक लगा रही थी और तेज मोड़ ले रही थी। इससे कई यात्री सीटों से उछलने लगे। इसी दौरान एक यात्री ने हिम्मत दिखाते हुए ड्राइवर से विनम्रता से कहा कि वह धीरे और सुरक्षित तरीके से बस चलाए या फिर उसे बीच रास्ते में उतार दे।
यही बात ड्राइवर को नागवार गुजरी। आरोप है कि उसने बस रोककर यात्री से बहस शुरू कर दी और गुस्से में आकर उसके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की। बस में मौजूद अन्य यात्रियों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराने की कोशिश की, लेकिन कुछ देर तक बस में तनाव का माहौल बना रहा।
घटना का वीडियो भी किसी यात्री ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में बस के अंदर हंगामा और यात्रियों की नाराजगी साफ देखी जा सकती है। लोग ड्राइवर के व्यवहार की कड़ी आलोचना कर रहे हैं और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
सूचना मिलते ही स्थानीय परिवहन विभाग और पुलिस हरकत में आ गई। अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और ड्राइवर के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने और यात्रियों के साथ दुर्व्यवहार के आरोप में कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि निजी बसों में अक्सर इस तरह की शिकायतें सामने आती हैं, जहां ड्राइवर समय बचाने के चक्कर में तेज रफ्तार से गाड़ी चलाते हैं, जिससे यात्रियों की जान खतरे में पड़ जाती है।
फिलहाल यह घटना एक बार फिर सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा और जवाबदेही की जरूरत को उजागर करती है। यात्रियों की मांग है कि ऐसे लापरवाह ड्राइवरों पर सख्त कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।

