लिकटेंस्टाइन के प्रिंस एलोइस 25 अक्टूबर से भारत यात्रा पर, एक साल में दूसरा दौरा
नई दिल्ली, 24 अक्टूबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर, लिकटेंस्टीन रियासत के कार्यवाहक राष्ट्राध्यक्ष, हेरेडिटरी प्रिंस (वंशानुगत राजकुमार) एलोइस 25 से 28 अक्टूबर 2026 तक भारत की राजकीय यात्रा पर आएंगे। उनके साथ उनकी पत्नी, हेरेडिटरी प्रिंसेस सोफी, एक उच्च-स्तरीय आधिकारिक और कारोबारी प्रतिनिधिमंडल भी होगा।
भारत के विदेश मंत्रालय (एमईए) ने एक बयान जारी कर इसकी आधिकारिक जानकारी दी। इसमें बताया गया कि यह 2026 में प्रिंस एलोइस दूसरी बार भारत आ रहे हैं। इससे पहले, वे फरवरी 2026 में 'एआई इम्पैक्ट समिट' में शामिल होने के लिए नई दिल्ली आए थे। हालांकि 2010 और 2018 में भी वो भारत का दौरा कर चुके हैं।
प्रधानमंत्री मोदी और प्रिंस एलोइस के बीच द्विपक्षीय बैठक भी होगी। इसमें व्यापार और निवेश, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा होगी। साथ ही, दोनों पीपुल-टू-पीपुल एक्सचेंज और क्षेत्रीय तथा वैश्विक घटनाक्रमों पर भी अपने विचार साझा करेंगे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राजकुमार के सम्मान में एक आधिकारिक भोज का आयोजन किया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी प्रिंस से मुलाकात करेंगे।
एमईए ने उम्मीद जताई है कि इस यात्रा से भारत और लिकटेंस्टीन के बीच बढ़ते संबंधों को और मजबूती मिलेगी। खासकर 2025 में 'भारत-ईएफटीए व्यापार और आर्थिक भागेदारी समझौते (टेपा यानी टीईपीए)' के लागू होने के बाद से रिश्ते और प्रगाढ़ हुए हैं। भारत और लिकटेंस्टाइन के संबंधों में आर्थिक सहयोग का महत्व लगातार बढ़ा है। यह समझौता 1 अक्टूबर 2025 से लागू हुआ था और इसके जरिए व्यापार, निवेश तथा तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देने की उम्मीद है।
बता दें, पीएम मोदी और प्रिंस एलोइस की फरवरी 2026 में नई दिल्ली में भारत एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान मुलाकात हुई थी। दोनों ने द्विपक्षीय संबंधों को मैत्रीपूर्ण बताते हुए उच्च मूल्य वाले विनिर्माण, उन्नत तकनीक और नवाचार आधारित क्षेत्रों में सहयोग गहरा करने पर सहमति जताई थी।
भारत और लिकटेंस्टाइन ने टीईपीए के जरिए अगले 15 वर्षों में भारत में 100 अरब डॉलर के निवेश को प्रोत्साहित करने की संभावना का भी स्वागत किया था। दोनों पक्षों को उम्मीद है कि समझौते से आर्थिक संपर्क मजबूत होगा और कारोबार के नए अवसर खुलेंगे।
एमईए ने उम्मीद जताई है कि यह यात्रा भारत और लिकटेंस्टीन के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों को और गहरा करने तथा आपसी हित के नए क्षेत्रों में साझेदारी बनाने का अवसर प्रदान करेगी।
लिकटेंस्टाइन मध्य यूरोप का एक छोटा देश है, जिसकी अर्थव्यवस्था विशेषीकृत विनिर्माण, इंजीनियरिंग और वित्तीय सेवाओं के लिए जानी जाती है। भारत के लिए उसके साथ सहयोग उन्नत औद्योगिक तकनीक, निवेश और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में उपयोगी हो सकता है।
--आईएएनएस
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