प्रेम सिंह चंदूमाजरा पंजाब के राज्यपाल से मिले, राजोआना की फांसी को उम्रकैद में बदलने की मांग उठाई
चंडीगढ़, 28 जुलाई (आईएएनएस)। शिरोमणि अकाली दल (पुनार सुरजीत) के वरिष्ठ नेता प्रेम सिंह चंदूमाजरा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात कर पंथिक और पंजाब से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने जगतार सिंह की पैरोल, बलवंत सिंह राजोआना की फांसी की सजा, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के चुनाव, करतारपुर साहिब कॉरिडोर समेत राज्य के कई अहम मुद्दों को राज्यपाल के समक्ष रखा।
प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने हालिया पेपर लीक मामलों पर केंद्र सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए पंजाब सरकार से भी जवाबदेही तय करने की मांग की।
राज्यपाल से मुलाकात के बाद समाचार एजेंसी आईएएनएस से खास बातचीत में प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने बताया कि शिरोमणि अकाली दल की ओर से पंथिक और पंजाब से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि जगतार सिंह की मां गंभीर रूप से बीमार हैं और मानवीय आधार पर पैरोल देकर उन्हें अपनी मां से मिलने का अवसर दिया जाना चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल ने इस विषय को संवेदनशील मानते हुए राज्यपाल के समक्ष रखा और अनुरोध किया कि यदि कानूनी प्रक्रियाओं में कोई बाधा भी हो, तब भी मानवता के आधार पर इसका समाधान निकाला जाए। चंदूमाजरा ने कहा कि राज्यपाल ने उन्हें आश्वस्त किया है कि वह इस मामले को भारत सरकार के गृह मंत्री के समक्ष उठाएंगे और समाधान का प्रयास करेंगे।
प्रतिनिधिमंडल ने बलवंत सिंह राजोआना की फांसी की सजा को उम्रकैद में बदलने की मांग भी दोहराई। 1995 में पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में बलवंत सिंह राजोआना को दोषी ठहराया गया था।
इसके अलावा, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के आम चुनाव जल्द कराने और करतारपुर साहिब कॉरिडोर को सुचारू रूप से खुलवाने की मांग भी राज्यपाल के समक्ष रखी गई। चंदूमाजरा ने कहा कि ये सभी पंथिक मुद्दे लंबे समय से लंबित हैं और इन पर गंभीरता से निर्णय लिया जाना चाहिए।
पेपर लीक के मुद्दे पर चंदूमाजरा ने कहा कि हालिया घटनाक्रम ने पूरे देश को एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है कि यदि किसी मुद्दे को राजनीति से ऊपर उठकर और निष्काम भावना से उठाया जाए तो उसका समाधान संभव है। छात्रों द्वारा उठाए गए मुद्दे को सफलता मिली है और केंद्र सरकार द्वारा उनकी मांग स्वीकार किया जाना सकारात्मक कदम है। इससे यह संदेश गया है कि हर मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय संवाद और तार्किक समाधान का रास्ता अपनाना चाहिए। केंद्र सरकार का धन्यवाद करते हुए उन्होंने कहा कि छात्रों की मांग स्वीकार कर देश को संभावित अराजकता से बचाने का प्रयास किया गया है और इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास भी मजबूत हुआ है।
वहीं, पंजाब सरकार पर निशाना साधते हुए चंदूमाजरा ने कहा कि राज्य में फार्मेसी परीक्षा का पेपर लीक होने के बावजूद संबंधित मंत्री से इस्तीफा क्यों नहीं लिया गया। आम आदमी पार्टी और उसके राष्ट्रीय नेतृत्व यह दावा करते रहे हैं कि पंजाब में कोई पेपर लीक नहीं हुआ, जबकि फार्मेसी परीक्षा का मामला सार्वजनिक रूप से सामने आ चुका है। ऐसे में सरकार को इस पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए और जवाबदेही तय करनी चाहिए।
चंदूमाजरा ने कहा कि युवाओं के भविष्य से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जा सकता। भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। लोकतंत्र की यही मांग है कि विवादों का समाधान बातचीत, तर्क और संवैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से किया जाए, ताकि जनता का भरोसा बना रहे और भविष्य में ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति न हो।
--आईएएनएस
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