Samachar Nama
×

प्रयागराज इस्कॉन मंदिर में भव्य जन्माष्टमी की तैयारी, वृंदावन से आईं तीन लाख की विशेष पोशाक और आभूषण

प्रयागराज इस्कॉन मंदिर में भव्य जन्माष्टमी की तैयारी, वृंदावन से आईं तीन लाख की विशेष पोशाक और आभूषण
प्रयागराज इस्कॉन मंदिर में भव्य जन्माष्टमी की तैयारी, वृंदावन से आईं तीन लाख की विशेष पोशाक और आभूषण

प्रयागराज, 2 सितंबर (आईएएनएस)। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर प्रयागराज के इस्कॉन मंदिर प्रयागराज में तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। मंदिर में इस बार श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को बेहद भव्य रूप देने की तैयारी की जा रही है। भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी के विशेष श्रृंगार के लिए वृंदावन के कुशल कारीगरों द्वारा तैयार की गई करीब तीन लाख रुपये की पोशाकें और विशेष आभूषण मंगाए गए हैं।

जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया जाएगा। इसके लिए रंगबिरंगी और जगमगाती लाइटों के साथ सुगंधित फूलों का इस्तेमाल किया जाएगा। मंदिर परिसर में सजावट का काम तेजी से चल रहा है। आयोजन को लेकर मंदिर प्रबंधन की ओर से तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

जन्माष्टमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी का विशेष श्रृंगार श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहेगा। इसके लिए वृंदावन के कारीगरों से खास तौर पर तैयार कराई गई पोशाकें और आभूषण मंगाए गए हैं। इनकी कुल कीमत करीब तीन लाख रुपये बताई जा रही है। पोशाकों को भगवान के विशेष जन्मोत्सव श्रृंगार को ध्यान में रखकर तैयार कराया गया है।

जन्माष्टमी के दौरान मंदिर में विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनकी लीलाओं से जुड़ी आकर्षक झांकियां देखने को मिलेंगी। इसके साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा।

मंदिर परिसर में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के अवसर पर विशेष महाभिषेक और विभिन्न अनुष्ठान होंगे। जन्माष्टमी की रात भगवान के जन्म के समय विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाने की तैयारी है।

जन्माष्टमी के मौके पर प्रयागराज के इस्कॉन मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव में शामिल होने के लिए शहर के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से भी भक्त मंदिर पहुंचेंगे।

मंदिर प्रबंधन श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आयोजन की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटा है। सुरक्षा, दर्शन और भीड़ प्रबंधन को लेकर भी तैयारियां की जा रही हैं। मंदिर परिसर में भक्ति और उत्सव का माहौल अभी से नजर आने लगा है। जन्माष्टमी के दिन विशेष सजावट, भगवान का मनमोहक श्रृंगार, झांकियां, महाभिषेक और सांस्कृतिक कार्यक्रम श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आकर्षण होंगे।

मंदिर प्रबंधन ने बताया कि इस बार हम लोग चार दिन का जन्माष्टमी उत्सव मना रहे हैं। 3 सितंबर को झूलन उत्सव और 4 सितंबर को रात्रि 12 बजे जन्मोत्सव मनाया जाएगा। साथ ही, 5 सितंबर को नंद उत्सव के साथ आचार्य चौपाल जी की पूजा होगी और 6 सितंबर को युवाओं के लिए विशेष उत्सव मनाया जाता है। वृंदावन से विशेष आभूषणों से जड़े रत्न और पोशाक मंगाए जा रहे हैं।

--आईएएनएस

एसएके/पीएम

Share this story

Tags