प्रवीण खंडेलवाल ने अजय राय के बयान पर कांग्रेस को घेरा, कहा-यह पार्टी की मानसिकता दर्शाता है
नई दिल्ली, 22 मई (आईएएनएस)। लोकसभा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने शुक्रवार को आईएएनएस से बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई अमर्यादित टिप्पणी को लेकर कांग्रेस नेता अजय राय की कड़ी आलोचना की। खंडेलवाल ने कहा कि जिन शब्दों का इस्तेमाल किया गया है, वह केवल एक व्यक्ति की सोच नहीं, बल्कि कांग्रेस की मानसिकता और उसकी राजनीतिक संस्कृति को भी दर्शाते हैं।
उन्होंने कहा कि हैरानी की बात यह है कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की ओर से अभी तक इस बयान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। राहुल गांधी, सोनिया गांधी या प्रियंका गांधी में से किसी ने भी इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या यह कांग्रेस की मौन सहमति है। खंडेलवाल ने कहा कि अगर पार्टी ऐसे बयानों पर चुप रहती है तो यह लोकतांत्रिक राजनीति के लिए अच्छा संकेत नहीं है। उन्होंने कहा कि इसी तरह के बयान कांग्रेस को लगातार जनता के बीच कमजोर कर रहे हैं और चुनावों में उसका प्रदर्शन भी इसी वजह से प्रभावित हो रहा है।
प्रवीण खंडेलवाल ने विपक्षी गठबंधन को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह गठबंधन अब केवल नाम का रह गया है और जमीन पर इसका कोई अस्तित्व नहीं दिखता। उन्होंने इसे 'ठगबंधन' बताते हुए कहा कि यह अवसरवादियों का एक समूह है, जहां सभी दल अपने-अपने हितों के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव के हालिया बयान के बाद यह साफ हो गया है कि गठबंधन में एकजुटता नहीं है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यह स्थिति और भी स्पष्ट हो जाएगी कि यह गठबंधन केवल कागजों पर ही था और वास्तव में इसका कोई मजबूत आधार नहीं था। उन्होंने कहा कि जनता ऐसे गठबंधनों को समझती है और समय आने पर इसका जवाब भी देती है।
इसके अलावा उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली और विजन की भी तारीफ की। खंडेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी दूरदृष्टि वाले नेता हैं और जो भी लक्ष्य वह तय करते हैं, उसके लिए पूरी योजना और मेहनत के साथ काम करते हैं। उन्होंने कहा कि 'विकसित भारत 2047' का जो सपना प्रधानमंत्री ने देखा है, उसके लिए केंद्र सरकार के साथ-साथ राज्य सरकारें, सांसद, विधायक और सभी जनप्रतिनिधि मिलकर काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हर स्तर पर जिम्मेदारियां तय की जा रही हैं ताकि इस लक्ष्य को समय पर हासिल किया जा सके। खंडेलवाल ने भरोसा जताया कि अगर इसी तरह से सभी मिलकर काम करते रहे तो भारत निश्चित रूप से 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनकर दुनिया में अग्रणी पंक्ति में खड़ा होगा। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक राजनीतिक नारा नहीं है बल्कि एक राष्ट्रीय मिशन है, जिसे पूरा करने के लिए देश के हर नागरिक को योगदान देना होगा।
इसके बाद उन्होंने दिल्ली सरकार के उस फैसले का स्वागत किया, जिसमें बकरीद के दौरान गोवंश, गाय, बछड़े, ऊंट और अन्य प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी पर रोक से जुड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। खंडेलवाल ने कहा कि यह निर्णय सराहनीय है और इससे भारतीय संस्कृति और परंपराओं का सम्मान होता है। उन्होंने कहा कि हर त्योहार की अपनी एक मर्यादा होती है और उसी के अनुसार उसका पालन होना चाहिए। अगर उससे बाहर जाकर कुछ किया जाता है तो वह समाज की भावनाओं को आहत करता है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय संस्कृति में गाय को माता का दर्जा दिया गया है और इस नाते से गोवंश की सुरक्षा और सम्मान बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगर कोई भी व्यक्ति गोवंश की हत्या करता है तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और कानून को और कठोर बनाया जाना चाहिए, ताकि ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके और समाज में एक स्पष्ट संदेश जाए।
--आईएएनएस
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