प्रवासी भारतीय दिवस: पीएम मोदी के नेतृत्व में प्रवासियों की भूमिका को मिली नई पहचान, राष्ट्र निर्माण में योगदान पर रहा जोर
नई दिल्ली, 9 जनवरी (आईएएनएस)। अपनी सांस्कृतिक विरासत व परंपराओं के साथ जुड़ाव और विदेशी धरती पर प्रगति के नए अध्याय लिख रहे अप्रवासी भारतीयों पर गर्व करते हुए शुक्रवार को 'प्रवासी भारतीय दिवस' मनाया जा रहा है। इस कार्यक्रम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले कुछ वर्षों में खास पहचान मिली है।
'प्रवासी भारतीय दिवस' के अवसर पर 'मोदी आर्काइव' ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कामों और इस कार्यक्रम में भागीदारी की सराहना की है। 'एक्स' हैंडल से किए गए पोस्ट में लिखा है, "अपने पूरे सार्वजनिक जीवन में पीएम नरेंद्र मोदी ने भारत की प्रगति में प्रवासी भारतीयों के महत्व पर लगातार जोर दिया है। उन्होंने प्रवासी भारतीयों को राष्ट्र निर्माण में भागीदार के रूप में देखा है, जो ज्ञान, निवेश, इनोवेशन और वैश्विक अनुभव के माध्यम से योगदान देने में सक्षम हैं।"
पोस्ट में आगे लिखा गया है, "गुजरात के मुख्यमंत्री और बाद में प्रधानमंत्री के रूप में, नरेंद्र मोदी ने सक्रिय रूप से विदेशों में रहने वाले भारतीयों से संपर्क किया। उन्होंने भारत के आर्थिक और सामाजिक विकास में उनकी भागीदारी को प्रोत्साहित किया। 'प्रवासी भारतीय दिवस' राष्ट्रीय विकास को समर्थन देने वाले विचारों, विशेषज्ञता और अवसरों को एक साथ लाने के लिए एक संरचित मंच के रूप में कार्य करता है।"
'मोदी आर्काइव' के पोस्ट में लिखा गया है, "पीएम मोदी के नेतृत्व में प्रवासियों के साथ जुड़ाव व्यावहारिक परिणामों पर केंद्रित रहा है। उद्यमिता, प्रौद्योगिकी, कौशल विकास और सामाजिक पहलों जैसे क्षेत्रों में भारत की जरूरतों के साथ वैश्विक प्रतिभा को जोड़ने के प्रयास किए गए हैं। यह अवसर इस विचार को मजबूत करता है कि दुनियाभर में भारतीय देश के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।"
इस मौके पर 'मोदी आर्काइव' ने ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी का एक वीडियो भी शेयर किया है। इसमें मोहन चरण माझी ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब प्रवासी भारतीय दिवस शुरू किया था, तब हमें ओडिशा में इस कार्यक्रम को करने का अवसर मिला। प्रवासी भारतीय देश के साथ-साथ ओडिशा में निवेश करें, यह उनका एक बड़ा विजन रहा है। हमारी संस्कृति, परंपरा और खानपान विश्व तक कैसे पहुंचे, प्रवासी भारतीय सम्मेलन में वे उसे केंद्र बिंदु रखते थे।
मोहन चरण माझी ने कहा, "ओडिशा का टूरिज्म, कल्चर, हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट के क्षेत्र में, कैसे दुनिया तक पहुंचाया जाए, उन्होंने इसके बारे में लोगों को बताया। प्रधानमंत्री प्रवासी भारतीयों को ओडिशा में घूमने की अपील कर चुके हैं। उनके विजन और सोच का बहुत बड़ा लाभ ओडिशा को मिला भी है।"
प्रवासी भारतीय दिवस की शुरुआत विदेश में रहने वाले भारतीयों के योगदान को पहचानने और देश के साथ उनके जुड़ाव को मजबूत करने के लिए की गई थी। इसे एक ऐसे प्लेटफॉर्म के तौर पर डिजाइन किया गया था जहां ग्लोबल भारतीय समुदाय साझा संस्कृति, पहचान और जिम्मेदारी का जश्न मनाते हुए भारत की विकास प्राथमिकताओं के साथ सार्थक रूप से जुड़ सके।
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