प्रताप सिंह बाजवा का आम आदमी पार्टी पर तंज, कहा-अरबों के भ्रष्टाचार में डूबी है आप
चंडीगढ़, 7 मई (आईएएनएस)। मोहाली में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी के बाद पंजाब की राजनीति गरमा गई है। पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रताप सिंह बाजवा ने आम आदमी पार्टी (आप) सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बाजवा ने दावा किया कि ईडी की कार्रवाई मुख्यमंत्री के एक करीबी सहयोगी पर हुई है, जो पूरे पंजाब में उनके फ्रंटमैन के तौर पर काम करता था।
चंडीगढ़ में मीडिया से बातचीत के दौरान प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि जिन लोगों पर कार्रवाई हुई है, वे सीमा पार से कथित तौर पर धोखाधड़ी का कारोबार चला रहे थे। उन्होंने कहा कि छापेमारी के दौरान जिस तरह भारी मात्रा में नकदी बरामद होने की बातें सामने आईं, वैसा दृश्य उन्होंने पहले केवल फिल्मों में देखा था। बाजवा ने आरोप लगाया कि यह “आम आदमी” की पार्टी नहीं, बल्कि “अरबों के भ्रष्टाचार में डूबी पार्टी” बन चुकी है।
प्रताप सिंह बाजवा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के पुराने बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री ने दावा किया था कि कोई उन्हें खरीद नहीं सकता और वह जेब में पैसे तक नहीं रखते। इस पर कटाक्ष करते हुए बाजवा ने कहा कि वह शुरुआत से कहते आए हैं कि “आम आदमी पार्टी” वास्तव में “अरब आम पार्टी” बन चुकी है, जिसमें आम लोगों की नहीं बल्कि संपन्न और प्रभावशाली लोगों की भागीदारी है।
उन्होंने राज्य में कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि पिछले चार वर्षों में बड़े पैमाने पर लैंड पूलिंग, खनन, शराब कारोबार, पोस्टिंग और प्रमोशन के जरिए धन की हेराफेरी हुई है। बाजवा ने कहा कि कई मामलों में अदालतों को हस्तक्षेप करना पड़ा और विभिन्न हाईकोर्ट ने कुछ परियोजनाओं पर रोक भी लगाई। उन्होंने मांग की कि सरकार स्पष्ट करे कि इन वर्षों में कथित रूप से जुटाया गया पैसा कहां गया।
प्रताप सिंह बाजवा ने हाल ही में पंजाब में हुए बम धमाकों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि शंभू सीमा के पास रेलवे लाइन, जालंधर में बीएसएफ मुख्यालय और अंतरराष्ट्रीय सीमा की ओर जाने वाले मार्ग पर हुए धमाकों के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भाजपा पर आरोप लगाए थे। वहीं, दूसरी ओर पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव ने इन घटनाओं के पीछे आईएसआई का हाथ बताया है।
बाजवा के अनुसार, यदि दोनों बयानों को साथ जोड़कर देखा जाए तो इसका अर्थ यह निकलता है कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर अप्रत्यक्ष रूप से आईएसआई के साथ संबंध होने का आरोप लगाया जा रहा है। उन्होंने इसे बेहद खतरनाक और गैर-जिम्मेदाराना बयान करार देते हुए कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों में राजनीतिक आरोप लगाने के बजाय तथ्यों और जांच पर भरोसा किया जाना चाहिए।
--आईएएनएस
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