हम कांग्रेस के समर्पित सिपाही, पद मिले या न मिले राहुल गांधी के साथ खड़े रहेंगे: प्रताप सिंह बाजवा
नई दिल्ली, 21 जून (आईएएनएस)। दिल्ली में पंजाब कांग्रेस की आंतरिक राजनीति को लेकर बैठक के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता और पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा के कई बयान सामने आए हैं। उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से हुई मुलाकात को “उपयोगी और सकारात्मक” बताया और कहा कि पार्टी हित में जो भी निर्णय नेतृत्व लेगा, वे सभी उसे स्वीकार करेंगे।
पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि राहुल गांधी ने पंजाब कांग्रेस के पांच वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने पंजाब की राजनीतिक स्थिति, संगठन की मजबूती और आगामी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की।
बाजवा ने कहा कि उन्होंने बैठक में अपनी बात रखी और यह स्पष्ट किया कि पंजाब के लोग कांग्रेस को एक बार फिर मौका देने के लिए तैयार हैं। ऐसे में पार्टी को इस अवसर का पूरा लाभ उठाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि नेतृत्व से जुड़े सभी निर्णय पहले भी राहुल गांधी और पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा लिए जाते रहे हैं और आगे भी संगठनात्मक फैसलों में वही भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। वे और उनके साथी किसी पद के लिए नहीं बल्कि पार्टी के सिद्धांतों और पंजाब के हित के लिए काम कर रहे हैं।
बाजवा ने कहा, “हम कांग्रेस पार्टी के समर्पित सिपाही हैं। हमें कोई पद मिले या न मिले, हम राहुल गांधी और कांग्रेस के साथ खड़े रहेंगे। पंजाब में कांग्रेस की स्थिति को मजबूत करने के लिए सभी नेताओं को एकजुट होकर काम करना होगा।”
उन्होंने हालिया चुनावी प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि 2024 में कांग्रेस ने 14 संसदीय सीटों में से 8 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जिसमें चंडीगढ़ और पंजाब की सीटें शामिल थीं। उनके अनुसार, यदि पार्टी इसी तरह एकजुट रहती है तो भविष्य में और बेहतर परिणाम संभव हैं।
बैठक के बाद बाजवा ने कहा कि उन्होंने पार्टी नेतृत्व के सामने अपनी राय रख दी है और अब अंतिम निर्णय राहुल गांधी पर छोड़ा गया है। उन्होंने भरोसा जताया कि जो भी फैसला लिया जाएगा, वह पंजाब और कांग्रेस दोनों के हित में होगा।
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