प्रार्थना के संगीतमय स्वरों से बदलेगा विद्यालय का माहौल, संगीत-तकनीक के संगम से तैयार होंगी 12 प्रेरणादायक प्रार्थनाएं
लखनऊ, 16 सितंबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार विद्यालयी शिक्षा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के साथ विद्यार्थियों में संस्कार, अनुशासन और रचनात्मकता को भी नई दिशा दे रही है। इसी क्रम में अपर मुख्य सचिव, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा श्री पार्थ सारथी सेन शर्मा की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन में प्रदेश के बेसिक एवं माध्यमिक विद्यालयों की प्रार्थना सभा को अधिक प्रभावी, संगीतमय और व्यवस्थित स्वरूप देने की पहल आगे बढ़ाई जा रही है।
इसके अंतर्गत 12 प्रेरणादायक प्रार्थनाओं की संगीतबद्ध वीडियो सामग्री तैयार की जाएगी। इसी क्रम में बुधवार को राज्य शैक्षिक तकनीकी संस्थान (एसआईईटी), निशातगंज के सभागार में संगीत शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की कार्यशाला संपन्न हुई। एसआईईटी के निदेशक डॉ. मुकेश चंद्र के निर्देशन में हुई कार्यशाला में चयनित प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इस पहल से विद्यालयों को एक व्यवस्थित और गुणवत्तापूर्ण संगीतमय प्रार्थना सामग्री उपलब्ध कराने के साथ संगीत, तकनीक, अनुशासन और प्रेरक मूल्यों को विद्यालयी वातावरण से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
एसआईईटी के निदेशक डॉ. मुकेश चंद्र ने बताया कि प्रदेश के सभी विद्यालयों की प्रार्थना सभा में प्रेरणादायक और संगीतमय प्रार्थनाएं हों, यही पहल का मुख्य उद्देश्य है। लखनऊ मंडल की टीम के सहयोग से 12 प्रार्थनाओं की रीयल टाइम शूटिंग और रिकॉर्डिंग की जाएगी। संगीत शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के साथ प्रार्थनाओं को स्टूडियो में रिकॉर्ड करने के बाद तकनीकी रूप से संपादित कर अंतिम वीडियो सामग्री तैयार की जाएगी। कार्यशाला में स्टूडियो रिकॉर्डिंग एवं कराओके तकनीक का लाइव डेमो, लिरिक्स डिस्प्ले सिस्टम और ऑडियो मिक्सिंग तकनीक का प्रस्तुतिकरण किया गया। शिक्षकों को रिकॉर्डिंग प्रक्रिया की जानकारी देने के साथ समूह गायन का अभ्यास भी कराया गया। कार्यशाला में 12 प्रेरणादायक प्रार्थनाओं का परिचय और विद्यालयों में इनके क्रियान्वयन की योजना पर भी चर्चा हुई।
डॉ. मुकेश चंद्र ने बताया कि रिकॉर्डिंग और संपादन के बाद तैयार अंतिम वीडियो सामग्री को यूट्यूब, फेसबुक, इंस्टाग्राम सहित अन्य डिजिटल मंचों पर उपलब्ध कराया जाएगा। इससे विद्यालय और शिक्षक अपनी आवश्यकता के अनुसार इनका उपयोग प्रार्थना सभा में कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि हर बच्चे में संभावना होती है और शिक्षक का कार्य उसकी योग्यता को पहचानकर निखारना है। विद्यार्थियों को सही दिशा में निरंतर प्रयास करने का संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि देश की सेवा पढ़कर करेंगे, पढ़ाकर करेंगे और अच्छा इंसान बनाकर करेंगे।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का दायित्व पढ़ना और अपने ज्ञान को दूसरे विद्यार्थियों तक पहुंचाना भी है। एसआईईटी का प्रयास विद्यार्थियों के लिए उपयोगी अध्ययन सामग्री को डिजिटल और वीडियो सामग्री के रूप में तैयार कर उन तक पहुंचाना है। इस पहल के अंतर्गत ‘इतनी शक्ति हमें देना दाता’, ‘हमको मन की शक्ति देना’, ‘ऐ मालिक तेरे बंदे हम’, ‘तेरी है जमीन तेरा आसमान’, ‘ओ पालनहारे’, ‘तुम्हीं हो माता पिता तुम्हीं हो’, ‘तू प्यार का सागर है’, ‘ज्योति से ज्योति जगाते चलो’, ‘बादल पे पांव है’, ‘इंसाफ की डगर पे’, ‘हम होंगे कामयाब’ और ‘आओ बच्चों तुम्हें दिखाएं’ जैसी 12 प्रेरणादायक प्रार्थनाओं को संगीतबद्ध कर वीडियो रूप में तैयार किया जाएगा।
कार्यशाला के बाद संगीत शिक्षकों एवं छात्राओं को एसआईईटी स्टूडियो का भ्रमण कराया गया और तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी गई। लखनऊ मंडल के संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. प्रदीप कुमार ने रीयल टाइम रिकॉर्डिंग को लेकर सुझाव दिए।
--आईएएनएस
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