रूस के उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव ने प्रधानमंत्री मोदी से की मुलाकात, भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा
नई दिल्ली, 2 अप्रैल (आईएएनएस)। रूसी संघ के पहले उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भेंट की। इस मुलाकात में दोनों नेताओं ने भारत-रूस संबंधों की प्रगति पर चर्चा की।
रूसी संघ के पहले उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान आपसी सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति के बारे में जानकारी दी, जिसमें व्यापार और आर्थिक साझेदारी, उर्वरक, कनेक्टिविटी और लोगों के बीच संबंध शामिल हैं।
उन्होंने दिसंबर 2025 में नई दिल्ली में आयोजित 23वें द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन के दौरान हुए समझौतों को लागू करने के लिए उठाए जाने वाले विशिष्ट कदमों पर चर्चा की।
रूस-भारत की 'विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी' को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया, जिसमें व्यापार, अर्थव्यवस्था, निवेश, ऊर्जा और औद्योगिक सहयोग पर मुख्य रूप से जोर दिया गया।
इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिसंबर 2025 में 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा को याद किया।
उन्होंने कहा कि वार्षिक शिखर सम्मेलन के नतीजों को लागू करने की दिशा में दोनों पक्षों की ओर से किए जा रहे लगातार प्रयासों पर संतोष व्यक्त किया। इन प्रयासों का उद्देश्य भारत-रूस विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और अधिक मजबूत बनाना है।
प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति पुतिन को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और कहा कि वे उनके साथ लगातार संवाद जारी रखने के लिए उत्सुक हैं।
गुरुवार तड़के नई दिल्ली पहुंचे रूसी संघ के पहले उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव का पालम हवाई अड्डे पर जोरदार स्वागत किया गया।
विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा, "रूसी संघ के प्रथम उपाध्यक्ष और भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग (व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी एवं सांस्कृतिक सहयोग) के सह अध्यक्ष डेनिस मंटुरोव का नई दिल्ली में हार्दिक स्वागत। इस यात्रा के दौरान वे विदेश मंत्री एस. जयशंकर से परामर्श करेंगे और अन्य द्विपक्षीय बैठकों में भाग लेंगे।"
विदेश मंत्रालय के अनुसार, मंटुरोव अपनी यात्रा के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भी मुलाकात करेंगे। इस दौरान रक्षा, सुरक्षा, ऊर्जा और व्यापार सहित प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग पर ध्यान केंद्रित होने की उम्मीद है।
अमेरिकी प्रतिबंधों में एक महीने की छूट के बाद रूस हाल के हफ्तों में एक बार फिर भारत को कच्चे तेल का सबसे बड़ा सप्लायर बनकर उभरा है।
--आईएएनएस
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