प्रधानमंत्री मोदी के सेवा संदेश को देशभर में लेकर आगे बढ़ रही सेवा संकल्प यात्रा
नई दिल्ली, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। सेवा संकल्प यात्रा रविवार को अपने 18वें दिन में प्रवेश कर गई। देशभर में सेवा यात्रियों का उत्साह और संकल्प नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के समर्पित सार्वजनिक जीवन से प्रेरित यह यात्रा ‘सेवा’ की भावना को जन-आंदोलन का स्वरूप देते हुए सेवा, जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण का संदेश देश के विभिन्न समुदायों तक पहुंचा रही है।
हर बीतते दिन के साथ यात्रा में जनभागीदारी और जनसंपर्क और अधिक मजबूत हो रहा है। आज सेवा संकल्प यात्रा छह राज्यों में 20 मार्गों पर आगे बढ़ रही है- मध्य प्रदेश में 1, राजस्थान में 7, छत्तीसगढ़ में 1, उत्तर प्रदेश में 6, झारखंड में 2 और गुजरात में 3 यात्राएं।
यात्रा में कई प्रमुख जनप्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की, जिनमें मंत्री अन्नपूर्णा देवी, सांसद अशोक रावत, छत्तीसगढ़ के मंत्री रामविचार नेताम, मंत्री रमेश भाई कटारा, सांसद जसवंत सिंह भाभोर और लोकसभा सांसद वीडी शर्मा सहित अन्य प्रमुख जनप्रतिनिधि शामिल रहे। उनकी सहभागिता ने सामूहिक सेवा की भावना को और मजबूत किया तथा सेवा यात्रियों को नई ऊर्जा और उत्साह के साथ अपनी यात्रा जारी रखने के लिए प्रेरित किया।
भाजयुमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष हेमंग जोशी ने कहा, “हमारे सेवा यात्रियों की ऊर्जा हर गुजरते दिन के साथ और बढ़ रही है। इस यात्रा के 18 दिन पूरे होने के बाद भी उनका उत्साह पहले दिन जितना ही मजबूत है, क्योंकि वे केवल किसी मार्ग पर आगे नहीं बढ़ रहे, बल्कि उस सेवा के संकल्प को आगे लेकर चल रहे हैं, जिसने पीएम नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन को परिभाषित किया है। हर पड़ाव पर लोगों की मुस्कान, सहभागिता और स्नेह हमारे युवा सेवा यात्रियों को और अधिक सेवा करने तथा विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने की प्रेरणा दे रहा है।”
सेवा संकल्प यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वडनगर से राष्ट्रीय पटल तक की यात्रा को प्रतिबिंबित करती है। वडनगर उन मूल्यों, संघर्षों और प्रारंभिक संस्कारों का प्रतीक है, जिन्होंने उनके जीवन को आकार दिया, जबकि वाराणसी उनके सार्वजनिक जीवन और राष्ट्र सेवा के एक महत्वपूर्ण अध्याय का प्रतिनिधित्व करता है। प्रधानमंत्री मोदी स्वयं इस बात पर जोर देते रहे हैं कि सार्वजनिक जीवन के केंद्र में सेवा की भावना बनी रहनी चाहिए और विकसित भारत के निर्माण में प्रत्येक नागरिक का योगदान आवश्यक है।
यात्रा के प्रत्येक पड़ाव पर सेवा यात्री अपने संकल्प को सार्थक कार्यों में बदल रहे हैं। स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, जल संरक्षण, गौ सेवा, वरिष्ठ नागरिकों की सेवा, जनसंवाद और समुदाय-केंद्रित गतिविधियों के माध्यम से सेवा को केवल एक संदेश के रूप में नहीं, बल्कि जीवन के प्रत्यक्ष अनुभव के रूप में स्थापित किया जा रहा है। साथ ही, इन गतिविधियों के माध्यम से नागरिकों में सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत किया जा रहा है।
ये गतिविधियां “सेवा परमो धर्मः” की व्यापक भावना को भी प्रतिबिंबित करती हैं अर्थात सेवा ही सर्वोच्च कर्तव्य है। समुदायों के साथ सीधे जुड़कर और स्थानीय आवश्यकताओं के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए यात्रा इस विश्वास को मजबूत कर रही है कि राष्ट्र निर्माण की शुरुआत समाज के प्रति जिम्मेदारी से होती है और प्रत्येक व्यक्ति एक मजबूत एवं विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान दे सकता है।
जैसे-जैसे सेवा संकल्प यात्रा आगे बढ़ रही है, सेवा यात्रियों का बढ़ता उत्साह और मार्गों पर लोगों की बढ़ती सहभागिता इसके मूल संदेश को नई शक्ति प्रदान कर रही है सेवा की यात्रा जारी है, संकल्प और मजबूत हो रहा है और विकसित भारत का विजन हर कदम के साथ आगे बढ़ रहा है।
--आईएएनएस
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