प्रधानमंत्री मोदी 24 सितंबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 'सेवा यात्रा' के प्रतिभागियों से करेंगे संवाद
नई दिल्ली, 23 सितंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री मोदी 24 सितंबर को सुबह 9 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सेवा यात्रा के प्रतिभागियों से बातचीत करेंगे। ये सेवा यात्री दस समूहों में बाइक यात्रा कर रहे हैं, जो वडनगर से वाराणसी तक जाएगी।
यह यात्रा महज एक मोटरसाइकिल यात्रा से कहीं अधिक है। 17 सितंबर से शुरू होकर ये टीमें कस्बों, जिलों, तालुकों और गांवों से होते हुए सेवा की भावना को जमीनी स्तर तक पहुंचा रही हैं।
यह यात्रा सेवा, संपर्क, युवा भागीदारी, सामाजिक कल्याण, सांस्कृतिक जुड़ाव और सामुदायिक लामबंदी सहित जन भागीदारी के कई आयामों को एक साथ ला रही है और उन्हें एक जमीनी स्तर से दूसरे जमीनी स्तर तक ले जा रही है।
17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक वड़नगर से वाराणसी तक मोटरसाइकिलों पर 'सेवा यात्रा' में भाग ले रहे 500 से अधिक युवा स्वयंसेवक रास्ते में पड़ने वाले स्कूलों, अस्पतालों, अनाथालयों और वृद्धाश्रमों के परिसरों की सफाई और सेवा कर रहे हैं।
20 टीमों द्वारा 35,500 किलोमीटर की दूरी तय करने के उद्देश्य से चलाई जा रही यह 22 दिवसीय यात्रा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन और उनके 25 वर्षों के जनसेवा के उपलक्ष्य में आयोजित अभियान का हिस्सा है।
भाजपा द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि समुदायों की सेवा करने के उद्देश्य से प्रेरित होकर, ये 500 युवा गांव-गांव घूम रहे हैं और स्वच्छता अभियान, गौ सेवा, बुजुर्गों की देखभाल और सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूकता फैलाने जैसी गतिविधियां कर रहे हैं।
बयान में कहा गया है कि वे कस्बों, जिलों, तालुकों और गांवों से होते हुए सेवा की भावना को जमीनी स्तर तक पहुंचा रहे हैं।
सेवा यात्री केवल समुदायों से गुजर ही नहीं रहे हैं, बल्कि रुक रहे हैं, लोगों से मिल रहे हैं, और स्थानीय जरूरतों को पूरा करने वाली गतिविधियों में सेवा कर रहे हैं—तालाबों, मंदिरों, स्कूलों, पार्कों, अस्पतालों और अन्य सार्वजनिक क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान से लेकर लाभार्थियों के साथ बातचीत, युवा संवाद, ग्राम सभा संवाद और गौ सेवा से लेकर 'एक पेड़ मां के नाम' के तहत वृक्षारोपण तक।
पीएम श्री स्कूलों में यात्री परिसर की सफाई कर रहे हैं, छात्रों से बातचीत कर रहे हैं, और किताबें व स्टेशनरी बांट रहे हैं। वहीं अस्पतालों, अनाथालयों और वृद्धाश्रमों में वे जरूरतमंदों को सहायता प्रदान कर रहे हैं। बयान में कहा गया है कि विधवाओं को किट वितरित किए जा रहे हैं, आशा कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया जा रहा है, और समुदाय विभिन्न कल्याणकारी गतिविधियों के लिए एकजुट हो रहे हैं।
--आईएएनएस
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