केंद्रीय कैबिनेट ने 'विस्तार' योजना को दी मंजूरी, अग्निवीरों के लिए खुला नियमित भर्ती का रास्ता
नई दिल्ली, 4 नवंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कई बड़े फैसले लिए। इसमें 'विस्तार' योजना, लिथियम-निकेल प्रोसेसिंग के लिए 2,814 करोड़ की कैपेक्स स्कीम, 14,500 करोड़ की एनर्जी स्टोरेज योजना, अग्निवीरों के लिए नया रास्ता और फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट को 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी शामिल है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पोस्ट पर जानकारी देते हुए बताया कि इन फैसलों का उद्देश्य देश में डेटा प्रबंधन, ऊर्जा सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिजों के प्रसंस्करण, रक्षा बलों में रोजगार और महिलाओं एवं बच्चों को न्याय दिलाने की व्यवस्था को मजबूत करना है।
उन्होंने योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि मंत्रिमंडल ने 'विकसित भारत इनिशिएटिव फॉर स्टैटिस्टिकल ट्रांसफॉर्मेशन, एनालिटिक्स एंड रिसर्च' (विस्तार) योजना को 2026-27 से 2030-31 तक लागू करने की मंजूरी दी है। इस योजना के तहत संसाधनों का बेहतर और लचीला उपयोग किया जा सकेगा। इससे बड़े स्तर पर सर्वेक्षणों का संचालन, नई शोध पद्धतियों का विकास, डिजिटल बदलाव और राष्ट्रीय डेटा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने बताया सरकार ने क्रिटिकल मिनरल प्रोसेसिंग को बढ़ावा देने के लिए 2,814 करोड़ रुपये की 'कैपेक्स सपोर्ट स्कीम' को मंजूरी दी है। इस योजना से लिथियम और निकेल जैसे महत्वपूर्ण खनिजों के प्रसंस्करण को बढ़ावा मिलेगा। इसका फायदा इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी), बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (बीईएसएस), इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा और विशेष स्टील जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को मिलेगा।
इसके अलावा, कैबिनेट ने 'ग्रिड-स्केल एनर्जी स्टोरेज सिस्टम' के लिए ₹14,500 करोड़ रुपये की 'वायबिलिटी गैप फंडिंग'(वीजीएफ) योजना को भी मंजूरी दी है। इससे 92 गीगावॉट-घंटे की ऊर्जा भंडारण क्षमता विकसित करने में मदद मिलेगी। यह कदम नवीकरणीय ऊर्जा को बिजली ग्रिड से जोड़ने, ग्रिड की स्थिरता बढ़ाने और लोगों को चौबीसों घंटे सस्ती बिजली उपलब्ध कराने में सहायक होगा।
जयशंकर ने बताया कि सरकार ने अग्निवीरों के लिए रक्षा सेवाओं में शामिल होने का नया रास्ता तैयार किया है। नई व्यवस्था के अनुसार, 25 प्रतिशत अग्निवीरों को सीधे रक्षा बलों में नियमित नौकरी का अवसर दिया जाएगा। बाकी 75 प्रतिशत अग्निवीरों के लिए दो साल की अतिरिक्त सेवा अवधि रखी जाएगी। इस अवधि के बाद इच्छुक और निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले अग्निवीरों को नियमित सैनिक के रूप में शामिल होने का मौका मिलेगा। इस फैसले का उद्देश्य प्रशिक्षित युवाओं को रक्षा सेवाओं में अधिक अवसर प्रदान करना है।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा, बलात्कार और पॉक्सो मामलों के लिए फास्ट ट्रैक अदालतों की योजना जारी की। मंत्रिमंडल ने 'फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट्स' की केंद्र प्रायोजित योजना को वित्त वर्ष 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी है।
इन अदालतों में रेप और पॉक्सो कानून (बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम) से जुड़े मामलों की तेजी से सुनवाई की जाती है। सरकार का कहना है कि यह कदम यौन अपराधों के पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। कुल मिलाकर, कैबिनेट के ये फैसले देश की आर्थिक, ऊर्जा, रक्षा और न्याय व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।
--आईएएनएस
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