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प्रदेश स्तर पर चुनाव आयोग को एसआईआर करवाने का अधिकार नहीं : मनीष तिवारी

चंडीगढ़, 22 फरवरी (आईएएनएस)। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), अमेरिकी टैरिफ और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर आईएएनएस से बातचीत करते हुए अपनी राय रखी और केंद्र सरकार को घेरा।
प्रदेश स्तर पर चुनाव आयोग को एसआईआर करवाने का अधिकार नहीं : मनीष तिवारी

चंडीगढ़, 22 फरवरी (आईएएनएस)। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), अमेरिकी टैरिफ और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर आईएएनएस से बातचीत करते हुए अपनी राय रखी और केंद्र सरकार को घेरा।

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा, "प्रदेश स्तर पर एसआईआर करवाने का कानून में कोई प्रावधान नहीं है। मैंने संसद में भी यह मुद्दा उठाया था और कहा था कि इसको लेकर कानूनी फैसला आना चाहिए। जो संविधान और कानून के प्रावधान हैं, उसके अनुसार चुनाव आयोग के पास पूरे देश में एसआईआर करवाने का अधिकार है या नहीं, यह स्पष्ट होना चाहिए।"

मनीष तिवारी ने आगे कहा, "जहां-जहां भी एसआईआर हुई है, वहां-वहां से स्पष्ट रिपोर्ट आ रही हैं कि प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से नहीं चलाई जा रही है और टारगेट करके लोगों के वोट काटे जा रहे हैं। पश्चिम बंगाल का अनुभव सबके सामने है, वहां की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को खुद अपने राज्य के लिए उचित कानूनी उपाय मांगने के लिए देश के सर्वोच्च न्यायालय का सहारा लेना पड़ा। यह बड़ी दुर्भाग्य की बात है, जिसकी वजह से विपक्ष का चुनाव आयोग पर भरोसा नहीं है।"

मनीष तिवारी ने कहा, "अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने पूरी दुनिया पर 15 प्रतिशत टैरिफ लगाने की बात कही है। वहीं, भारत में 70 चीजों पर भाजपा सरकार ने टैरिफ जीरो कर दिया है। इसलिए भारत सरकार को इस पर जवाब देना चाहिए। इसका अर्थ है कि भारत को अमेरिका में व्यापार करने के लिए 15 फीसदी टैरिफ देना पड़ेगा, जबकि अमेरिका को जीरो फीसदी टैरिफ देना पड़ेगा। ऐसे में ये कैसा ट्रेड डील है?"

दूसरी ओर, बिहार सरकार के मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए आईएएनएस से कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता भी अब राहुल गांधी के नेतृत्व से दूरी बना रहे हैं। कांग्रेस के कई नेता खुद को नेहरूवादी और इंदिरा गांधीवादी बताते हैं, लेकिन राहुल 'गांधीवादी' नहीं। जायसवाल ने आरोप लगाया कि जब पार्टी के अनुभवी नेता ही दूरी बना रहे हैं, तो यह स्पष्ट है कि राहुल गांधी की सोच राष्ट्र-विरोधी है।

--आईएएनएस

ओमप्रकाश/एबीएम

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