सीजेपी प्रोटेस्ट: विपक्ष के नेताओं को हिरासत में लिए जाने पर सौगात राय ने की निंदा, गोपाल राय ने बताया 'इमरजेंसी'
कोलकाता/नई दिल्ली, 11 अक्टूबर (आईएएनएस)। एआईटीसी के सांसद सौगत रॉय ने दिल्ली में सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हिरासत में लिए जाने की निंदा की है। वहीं, आम आदमी पार्टी के नेता गोपाल राय ने विपक्ष के नेताओं की गिरफ्तारी पर स्थिति की तुलना आपातकाल से की है।
सौगत रॉय ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि सीजेपी का प्रदर्शन था, हमारी पार्टी ने उसे समर्थन दिया था। ममता बनर्जी ने रास्ते में धरना-प्रदर्शन किया तो उन्हें हिरासत में लिया गया। उनके साथ ही सात अन्य सांसदों को हिरासत में लेकर 2 घंटे तक सड़कों पर घुमाया गया। मैं इसकी निंदा करता हूं।
सीजेपी के प्रदर्शन में कांग्रेस की अनुपस्थिति पर उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पहले से ही प्रदर्शन में शामिल रहे हैं। उनका 10 अक्टूबर को चेन्नई में कार्यक्रम तय था। उन्होंने इसे रद्द नहीं किया।
उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी के साथ ही तीन पूर्व मुख्यमंत्री इस प्रदर्शन में शामिल हुए, जिनमें माणिक सरकार, पिनाराई विजयन और अरविंद केजरीवाल शामिल थे।
दिल्ली में प्रदर्शन और विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पर उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने सभी को राहत दी है। आगे हम इस मामले पर नजर रखेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने आंदोलनकारियों के खिलाफ कोई फैसला नहीं दिया है।
राज्य भाजपा अध्यक्ष की तरफ से पश्चिम बंगाल को 'पश्चिम बंग' कहे जाने और इस संबंध में विधानसभा में प्रस्ताव लाने पर उन्होंने कहा कि हम इसके खिलाफ हैं। हम तो चाहते हैं कि बांग्ला या बंगाल नाम हो, लेकिन उन्होंने हमारी बात सुनी ही नहीं।
वहीं, गोपाल राय ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि 10 अक्टूबर को सरकार ने ब्लैक इमरजेंसी लगाया था। ट्रेनें रद्द कर दी गईं, मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए, हजारों पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया, लेकिन उसके बाद भी पुलिस का आधिकारिक बयान है कि सात हजार लोगों को हिरासत में लिया गया।
उन्होंने कहा कि हजारों लोग सड़कों पर उतरे थे। अब यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है, चाहे ये कुछ भी कर लें। लोग लोकतंत्र और वोट को बचाने के लिए लड़ाई लड़ेंगे और जीतेंगे। यह लड़ाई गांव-गांव तक पहुंचेगी। जितना इसे दमन करने की कोशिश करेंगे, यह लड़ाई उतनी ही बढ़ेगी।
दिल्ली सरकार में गोपाल राय ने कहा कि आजादी के बाद एक ही अधिकार सभी नागरिकों को मिला, वो है वोट का अधिकार। आर्थिक अधिकार सबको बराबरी का नहीं मिला, सामाजिक अधिकार बराबरी का नहीं मिला। वोट का अधिकार सबको मिला, आज उस अधिकार को भी छीनना चाहते हैं। ज्ञानेश कुमार इसे अंजाम दे रहे हैं, इसलिए देशभर में आंदोलन चल रहा है।
उन्होंने कहा कि इस आंदोलन में सामाजिक संगठन और राजनीतिक दल शामिल हैं। हम 2 अक्टूबर से ही यह लड़ाई लड़ रहे हैं।
प्रदर्शन में कांग्रेस की गैरमौजूदगी पर उन्होंने कहा कि सवाल राजनीति, दल, संगठन या नेता का नहीं, बल्कि देश को बचाने का है। वोट बचेगा तो लोकतंत्र बचेगा, लोकतंत्र बचेगा तो देश बचेगा। देश बचाने की लड़ाई, देश से मोहब्बत करने वाले लोग अपने-अपने तरीके से लड़ रहे हैं। सभी लोगों की एक ही मांग है कि ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा हो, उन पर कार्रवाई की जाए, एसआईआर को रद्द किया जाए और निष्पक्ष चुनाव कराए जाएं।
12 अक्टूबर को बुलाए गए प्रदर्शन पर गोपाल राय ने कहा कि हम 2 अक्टूबर से यह लड़ाई लड़ रहे हैं। आगे जो भी निर्णय लिया जाएगा, हम उनके साथ हैं। इस लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाने के लिए आम आदमी पार्टी आंदोलन में शामिल रहेगी।
--आईएएनएस
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