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पोप लियो की वैश्विक नेताओं से अपील, 'स्थायी शांति का करें प्रयास'

वेटिकन सिटी, 31 मई (आईएएनएस)। वेटिकन के अपोस्टोलिक पैलेस से अपने साप्ताहिक संबोधन में पोप लियो XIV ने वैश्विक नेताओं से एक बार फिर शांति अपील की। उन्होंने प्रार्थना की कि ईश्वर, वैश्विक नेताओं का न्यायपूर्ण और स्थायी शांति की ओर मार्ग प्रशस्त करें।
पोप लियो की वैश्विक नेताओं से अपील, 'स्थायी शांति का करें प्रयास'

वेटिकन सिटी, 31 मई (आईएएनएस)। वेटिकन के अपोस्टोलिक पैलेस से अपने साप्ताहिक संबोधन में पोप लियो XIV ने वैश्विक नेताओं से एक बार फिर शांति अपील की। उन्होंने प्रार्थना की कि ईश्वर, वैश्विक नेताओं का न्यायपूर्ण और स्थायी शांति की ओर मार्ग प्रशस्त करें।

इसके साथ ही उन्होंने बीमार लोगों के प्रति कल्याण और करुणा भाव को बढ़ावा देने का भी आग्रह किया। पोप ने पोलैंड के प्रसिद्ध मैरियन तीर्थस्थल में एकत्र हुए तीर्थयात्रियों का भी अभिवादन किया।

पोप लियो ने अपने संबोधन में कहा कि वे प्रार्थना करते हैं कि “ईश्वर, सत्ता में बैठे लोगों के विवेक को प्रकाशित करे और उनके निर्णयों को एक निष्पक्ष और स्थायी शांति की ओर ले चले।” उन्होंने यह भी कहा कि पिछले महीने पूरे चर्च ने शांति के लिए प्रार्थना की है।

उन्होंने कहा, “प्रिय भाइयों और बहनों, मई महीने के दौरान पूरे चर्च से शांति के लिए एक स्वर में प्रार्थना उठी है। रोजरी की प्रार्थना के जरिए, लगातार और बिना रुके, लोगों ने युद्ध झेल रहे लोगों को वर्जिन मैरी की मदद और प्रार्थना के भरोसे पर सौंप दिया है।”

पोप लियो ने यह भी उल्लेख किया कि इटली इस समय 25वें "रिलीफ डे” का आयोजन कर रहा है, जिसका इस वर्ष का विषय "आई टेक केयर" है।

उन्होंने कहा, “मैं उन लोगों के करीब हूं जो बीमार हैं और उन सभी के भी जो उनकी देखभाल करते हैं। मैं उन सभी का धन्यवाद करता हूं और उन्हें प्रोत्साहित करता हूँ जो नज़दीकी और देखभाल की संस्कृति को फैलाने में मदद करते हैं।”

पश्चिम एशिया संकट के खिलाफ पोप लियो अपनी आवाज बुलंद करते रहे हैं। यही वजह है कि उनके विचारों का अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुलकर विरोध किया था। ये तकरार काफी समय तक जारी रही।

ट्रंप ने अमेरिकी मूल के पहले पोप पर आरोप लगाया था कि वह ईरान की मदद कर रहे हैं और अपनी टिप्पणियों से दुनिया को अधिक असुरक्षित बना रहे हैं। उन्होंने ईरान को परमाणु हथियार संपन्न होने की वकालत करने का आरोप पोप पर लगाया था।

हालांकि, पोप ने कभी यह नहीं कहा कि ईरान को परमाणु हथियार मिलने चाहिए। उन्होंने केवल शांति वार्ता की अपील की है और ईरान के खिलाफ युद्ध तथा आम नागरिकों पर बड़े हमलों की ट्रंप की धमकियों की आलोचना की है। पोप ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह किसी राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी की तरह नहीं, बल्कि बाइबिल और चर्च की शिक्षाओं के आधार पर बोल रहे हैं।

ट्रंप की आलोचना के जवाब में पोप लियो ने पत्रकारों से कहा था कि कैथोलिक चर्च "वर्षों से सभी तरह के परमाणु हथियारों के खिलाफ बोलता आया है, इसमें कोई संदेह नहीं। चर्च का मिशन शांति का प्रचार करना है। यदि कोई इसके लिए मेरी आलोचना करना चाहता है, तो वह सच बोलकर करे।"

--आईएएनएस

केआर/

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