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ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट पर सियासत तेज: वीडियो में देंखे राहुल गांधी की स्कूबा डाइविंग को लेकर भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने 

ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट पर सियासत तेज: वीडियो में देंखे राहुल गांधी की स्कूबा डाइविंग को लेकर भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने

ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच जारी राजनीतिक टकराव अब राहुल गांधी की अंडमान यात्रा और स्कूबा डाइविंग तक पहुंच गया है। केंद्रीय मंत्री Kiren Rijiju के एक बयान के बाद दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। किरण रिजिजू ने दावा किया कि कांग्रेस नेता Rahul Gandhi की अंडमान में की गई स्कूबा डाइविंग गतिविधि पर करीब 26 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। उनके इस बयान के बाद कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए आरोपों को निराधार बताया है।

कांग्रेस ने बयान को बताया तथ्यहीन

कांग्रेस सांसद Manickam Tagore ने सोमवार को रिजिजू के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री ने अब "मानहानि मंत्री" की भूमिका अपना ली है।टैगोर ने कहा कि रिजिजू द्वारा लगाए गए आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं और उनका उद्देश्य केवल राजनीतिक विवाद पैदा करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के बयान अंडमान-निकोबार में पर्यटन को नुकसान पहुंचा सकते हैं।कांग्रेस सांसद ने कहा कि अंडमान-निकोबार देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है और वहां की पर्यटन गतिविधियों को लेकर भ्रामक दावे करना उचित नहीं है।ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट से ध्यान भटकाने का आरोप

मणिकम टैगोर ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं द्वारा इस मुद्दे को उठाने का मकसद ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को लेकर उठ रहे सवालों से लोगों का ध्यान हटाना है।उनका कहना है कि परियोजना के पर्यावरणीय प्रभाव, स्थानीय समुदायों पर पड़ने वाले असर और विकास संबंधी पहलुओं को लेकर कई विशेषज्ञ तथा सामाजिक संगठन सवाल उठा रहे हैं। ऐसे में स्कूबा डाइविंग जैसे मुद्दों को उछालकर वास्तविक बहस से ध्यान हटाने की कोशिश की जा रही है।

क्या है ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट?

ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी विकास योजनाओं में शामिल है। इस परियोजना के तहत बंदरगाह, हवाई अड्डा, ऊर्जा संयंत्र और अन्य आधारभूत संरचनाओं का विकास प्रस्तावित है। सरकार का कहना है कि इससे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और सामरिक दृष्टि से भी देश को लाभ मिलेगा।हालांकि परियोजना को लेकर पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता और आदिवासी समुदायों पर संभावित प्रभाव को लेकर कई स्तरों पर चर्चा और बहस जारी है।

राजनीतिक बयानबाजी हुई तेज

रिजिजू के बयान और कांग्रेस की प्रतिक्रिया के बाद यह मुद्दा राजनीतिक रूप से और गरमा गया है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पक्ष अपने-अपने तर्कों के साथ मैदान में उतर आए हैं।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को लेकर आने वाले दिनों में बहस और तेज हो सकती है। वहीं, राहुल गांधी की स्कूबा डाइविंग को लेकर उठे विवाद ने इस मुद्दे को नया राजनीतिक रंग दे दिया है।फिलहाल दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है और यह मामला राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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