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पीएमएफएमई योजना से पति-पत्नी ने अपनी तकदीर बदली, नूडल्स कारोबार से 10 लोगों को दे रहे रोजगार

पीएमएफएमई योजना से पति-पत्नी ने अपनी तकदीर बदली, नूडल्स कारोबार से 10 लोगों को दे रहे रोजगार
पीएमएफएमई योजना से पति-पत्नी ने अपनी तकदीर बदली, नूडल्स कारोबार से 10 लोगों को दे रहे रोजगार

शेखपुरा, 2 नवंबर (आईएएनएस)। बिहार के शेखपुरा जिले के बरबीघा प्रखंड के खलीलचक गांव के रहने वाले संजय कुमार और उनकी पत्नी रंजना कुमारी ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना (पीएमएफएमई) का लाभ उठाकर अपनी जिंदगी बदल दी है। सरकारी सहायता से दोनों ने नूडल्स बनाने का कारोबार शुरू किया और आज अपने उद्यम के जरिए 10 लोगों को रोजगार दे रहे हैं। उनकी यह पहल न केवल परिवार को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना रही है, बल्कि आसपास के लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर रही है।

स्मृति नूडल्स की संचालिका रंजना कुमारी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में बताया कि एक समय ऐसा था, जब बढ़ती महंगाई के कारण परिवार का खर्च चलाना और बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाना मुश्किल हो रहा था। परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं थी और वह कुछ अपना काम शुरू करना चाहती थीं। इसी दौरान उन्हें पीएमएफएमई योजना के बारे में जानकारी मिली। उन्होंने योजना के तहत आवेदन किया और सरकारी सहायता से अपना कारोबार शुरू करने की दिशा में कदम बढ़ाया।

रंजना ने बताया कि पहले वह गृहिणी थीं, लेकिन अब अपने व्यवसाय को संभाल रही हैं और अच्छी आमदनी कर रही हैं। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है। बच्चों की पढ़ाई बेहतर तरीके से हो रही है और उनकी बेटी ने भी अपनी शिक्षा पूरी कर एक अच्छा मुकाम हासिल किया है।

उन्होंने बताया कि उनकी यूनिट में फिलहाल 10 लोग काम कर रहे हैं, जिनमें महिलाएं और पुरुष दोनों शामिल हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह योजना उनकी जैसी महिलाओं के लिए सहारा बनी है। यदि उन्हें समय पर योजना की जानकारी और सहायता नहीं मिलती तो शायद वह अपना कारोबार शुरू नहीं कर पातीं। आज वह अपने पैरों पर खड़ी हैं और अपने परिवार की जिम्मेदारियां बेहतर तरीके से निभा रही हैं।

नूडल्स कंपनी में काम करने वाले कर्मचारी देवानंद कुमार ने बताया कि पहले वह रोजगार की तलाश में गाजियाबाद में काम करते थे। जब उन्हें गांव के पास ही काम करने का अवसर मिला तो उन्हें काफी खुशी हुई। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलने से काम करना सुविधाजनक हो गया है। फिलहाल उनका परिवार गाजियाबाद में रहता है, लेकिन भविष्य में वे अपने परिवार को भी यहां लाने की योजना बना रहे हैं।

रंजना के पति संजय कुमार ने बताया कि उनकी पत्नी कारोबार शुरू करना चाहती थीं, लेकिन बढ़ती महंगाई और घरेलू खर्चों के कारण यह आसान नहीं था। इसी बीच उन्हें पीएमएफएमई योजना की जानकारी मिली। सरकारी सहायता से कारोबार के लिए मशीनें लगाई गईं और नूडल्स बनाने का काम शुरू हुआ।

संजय के मुताबिक, इस कारोबार से रंजना को एक नई पहचान मिली है। अब नालंदा, नवादा और राजगीर समेत आसपास के कई इलाकों से नूडल्स के ऑर्डर मिलने लगे हैं। इससे कारोबार को आगे बढ़ाने का हौसला मिला है। उनका लक्ष्य भविष्य में कंपनी का विस्तार करना और अधिक से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराना है।

--आईएएनएस

डीकेएम/डीकेपी

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